लगातार बारिश से बिगड़े हालात, नाव बनी सहारा
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लगातार हो रही बारिश के चलते जहां ग्रामीण इलाके में पानी-पानी है वहीं शहर के हालात में भी सुधार नहीं हो पा रहा है। एक ओर जहां तराईवासी घाघरा की बाढ़ से परेशान है वहीं इस समय शहर में भी घाघरा की बाढ़ जैसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। लगातार बारिश के चलते जमुरिहा नाला उफनाने से कई लोगों के घरों में पानी तीसरे दिन भी भरा रहा। लोग घरों तक गंदे पानी से होकर पहुंच रहे हैं। घरों में पानी भरा होने से छत पर खाना बनाने को मजबूर हैं। लोगों को घर से बाहर जाने व वापस आने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बच्चे घर में कैद होकर रह गए हैं। जमुरिहा नाले से आया पानी घर व बाहर दोनों जगह भरा हुआ है। यहां के बाशिंदे इसी गंदे पानी से निकलने को विवश है। इसकी यह विवशता हुक्मरानों व जिम्मेदारों से सवाल करती है कि आखिर इस गंदे पानी व जलभराव से कब निजात मिलेगी।
रविवार दोपहर बाद हुई बारिश से शहर में हालात और भी खराब हो गए। नाली चोक होने से जगह जगह जलभराव बना रहा। नाला उफनाने से लोगों के घरों मेें भरा पानी तीसरे दिन भी भरा रहा। जलनिकासी का कोई इंतजाम नहीं किया गया। लगातार जमुरिहा नाला से पानी बह रहा है और किनारे बसे लोगों के घर व सामने से निकल रहा है। दुर्गापुरी वार्ड, पंचशील कॉलोनी, अभय नगर, पीरबटावन के जमुरिहा नाला के किनारे बसे इलाके में पानी अभी भी भरा है। बच्चे घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। यहां के लोगों ने एक नाव की व्यवस्था की है जिससे लोग बाहर जाते हैं और जरूरत का सामान लेकर इसी नाव से वापस घर आते हैं। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को 8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
धान के लिए मुफीद तो दलहनी फसलों के लिए कहर बनी बारिश
कई दिनों से हो रही बारिश धान की फसल के लिए सोना बनी है। खेतों में लगी धान की फसल लहलहा उठी है। ऐसे में कृषि विशेषज्ञ कम लागत में अच्छी पैदावार की बात कर रहे है। मगर, खेतों में जलभराव व पानी का ठहराव होने से दलहनी फसलों पर संकट छाया है। ऐसे में ऊंचे व बालुई मिट्टी में बोई दलहनी फसलों को कम नुकसान होगा। जबकि जलभराव वाले खेतों में बोई फसल पूरी तरह प्रभावित हो रही है। इस बारे में कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि बारिश से फसलों को कोई नुकसान नहीड्ड है। उलटे कम लागत में अच्च्छी पैदावार होने को लेकर किसान काफी उत्साहित है।