{"_id":"11a42e07c982394a0d7ef75ad9b88ce1","slug":"raid-in-houses-of-two-district-panchayat-members-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो जिला पंचायत सदस्यों के यहां छापा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो जिला पंचायत सदस्यों के यहां छापा
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Dec 2015 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला पंचायत अध्यक्ष पद की अधिसूचना जारी होने के साथ ही सरकारी तंत्र भी सक्रिय हो गया है। सोमवार को सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ की टीम ने दो जिला पंचायत सदस्य और चिकित्सक के यहां छापा मारा। इस दौरान नोटिस देकर मंगलवार तक जवाब देने को कहा गया है।
नव निर्वाचित बसपा से जिला पंचायत सदस्य उमाशरण वर्मा जहांगीराबाद में रहते हैं। वहीं बसपा से ही नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य शिवभजन मलौली बिंदौरा के रहने वाले हैं। बसपा जिलाध्यक्ष सुरेश चन्द्र गौतम ने बताया कि उमाशरण पिछले 25 वर्षों से जहांगीराबाद में क्लीनिक चलाते हैं जबकि शिवभजन डॉक्टर नहीं है। इसके बाद सीएमओ के निर्देश पर इनके यहां एसीएमओ डॉ. एससी धूसिया और डॉ. राजकुमार की टीम ने इनके यहां छापा मारा। एसीएमओ ने दोनों को नोटिस जारी करते हुए मंगलवार तक जवाब देने का आदेश दिया है। बसपा जिलाध्यक्ष का आरोप है जिला पंचायत अध्यक्ष पद की अधिसूचना जारी होते ही सरकारी तंत्र ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है।
आरोप है कि सत्तापक्ष के उम्मीदवार को वोट देने के लिए बसपा के दोनों सदस्यों पर इस तरह का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सीएमओ से बात की गई तो उनका जवाब था नोटिस ही दिया गया है जवाब दे दें। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी शिवभजन को पुलिस उठा चुकी है एसपी से बात कर उन पद दबाव बनाया गया तो उन्हें छोड़ा गया था। वहीं सीएमओ डॉ. रविन्द्र कुमार का कहना है कि जानकारी मिली थी कि दोनों सदस्य क्लीनिक चलाते हैं जिस पर एसीएमओ को जांच के लिए भेजा गया था, दोनों को नोटिस जारी किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नव निर्वाचित बसपा से जिला पंचायत सदस्य उमाशरण वर्मा जहांगीराबाद में रहते हैं। वहीं बसपा से ही नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य शिवभजन मलौली बिंदौरा के रहने वाले हैं। बसपा जिलाध्यक्ष सुरेश चन्द्र गौतम ने बताया कि उमाशरण पिछले 25 वर्षों से जहांगीराबाद में क्लीनिक चलाते हैं जबकि शिवभजन डॉक्टर नहीं है। इसके बाद सीएमओ के निर्देश पर इनके यहां एसीएमओ डॉ. एससी धूसिया और डॉ. राजकुमार की टीम ने इनके यहां छापा मारा। एसीएमओ ने दोनों को नोटिस जारी करते हुए मंगलवार तक जवाब देने का आदेश दिया है। बसपा जिलाध्यक्ष का आरोप है जिला पंचायत अध्यक्ष पद की अधिसूचना जारी होते ही सरकारी तंत्र ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
आरोप है कि सत्तापक्ष के उम्मीदवार को वोट देने के लिए बसपा के दोनों सदस्यों पर इस तरह का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सीएमओ से बात की गई तो उनका जवाब था नोटिस ही दिया गया है जवाब दे दें। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी शिवभजन को पुलिस उठा चुकी है एसपी से बात कर उन पद दबाव बनाया गया तो उन्हें छोड़ा गया था। वहीं सीएमओ डॉ. रविन्द्र कुमार का कहना है कि जानकारी मिली थी कि दोनों सदस्य क्लीनिक चलाते हैं जिस पर एसीएमओ को जांच के लिए भेजा गया था, दोनों को नोटिस जारी किया गया है।
विज्ञापन