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धान लदी ट्रालियों के साथ किसानों ने डाला डेरा
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बाराबंकी। धान की तौल न होने से नाराज किसानों ने बुधवार को गन्ना कार्यालय परिसर में धान लदी ट्रॉलियों के साथ डेरा डाल दिया। धरना दे रहे किसानों ने आरोप लगाया कि क्रय केंद्रों पर उनके बजाय बिचौलियों का धान तौला जा रहा है।
नहरों की सफाई के नाम पर औपचारिकता निभाई जा रही है। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर व सीओ ने किसानों से बात कर प्राथमिकता के आधार पर उनकी समस्याओं का निराकरण कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त हुआ।
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष रामकिशोर पटेल ने कहा कि विपणन शाखा के क्रय केंद्रों को छोड़ दिया जाए तो किसी भी केंद्र पर किसानों का धान नहीं तौला जा रहा है। इन केंद्रों पर बिचौलिए पूरी तरह से हाबी हैं और निजी कर्मियों की मनमानी चरम पर है जिससे किसान अपना धान औने-पौने दामों पर बेच रहे हैं।
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उन्होंने कहा ऐसे-ऐसे किसानों का धान तौला गया है जिनके पास एक बीघा खेत तक नहीं है। कहा कि इन केंद्रों पर कितने किसानों से धान की खरीद की गई है, इसकी सूूची उपलब्ध कराई जाए।
जिलाध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि नहरों की सिल्ट साफ करने के बाद उसे पटरियों पर डाल दिया जा रहा है। सिंचाई विभाग की मनमानी के कारण नहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है और नहरें फिर से सिल्ट से पट रही हैं लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी इसे लेकर जरा भी गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। किसानों ने बताया कि छुट्टा मवेशी उनकी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं जिससे काफी परेशानी है।
जानकारी पर पहुंचे एसडीएम सदर अभय कुमार पांडेय और सीओ सुशील कुमार, जिला विपणन अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी ने किसानों से बात की। एसडीएम ने किसानों का धान नजदीक के केंद्रों पर तौल कराने के साथ ही अन्य मांगों का निराकरण प्राथमिकता पर कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद जाकर किसानों का धरना समाप्त हुआ।
इस मौके पर एमओ पवन अग्रहरि, एसएमआइ तरुन मिश्रा, सतीश वर्मा, रामानंद, रामसेवक रावत, उत्तम सिंह वर्मा, बाबादीन, कृष्ण पाल सिंह व शारदा बख्श सिंह आदि मौजूूद रहे।
पीडीएस की लोडिंग और चावल की अनलोडिंग को लेकर श्रमिकों और एफसीआई कर्मियों के बीच उपजे विवाद की डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर अभय कुमार पांडेय ने गोदाम पहुंच कर जांच की। इस दौरान कर्मचारियों और श्रमिकों को बुलाकर बात की गई।
श्रमिकों ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का अनाज भी लोड करना है और सरकारी चावल की अनलोडिंग भी उन्हीं लोगों को करनी है। ऐसे में हम लोगों से ओवरटाइम कराया जा रहा है जबकि हम लोग दस से पांच बजे तक ही कार्य करने को तैयार हैं।
एसडीएम ने बताया कि वार्ता के बाद यह तय हुआ कि एफसीआई के श्रमिक प्रतिदिन पीडीएस की लोडिंग के साथ ही सरकारी चावल का तीन-तीन लाट प्रतिदिन अनलोड करेंगे। जिससे धान की खरीद भी सुचारु गति से होती रहे।
इसके अलावा श्रमिकों की अन्य जो समस्याएं थीं उनका भी समाधान करा दिया गया है। इस मौके पर सीओ सुशील कुमार, डिप्टी आरएमओ संतोष कुमार द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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नहरों की सफाई के नाम पर औपचारिकता निभाई जा रही है। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर व सीओ ने किसानों से बात कर प्राथमिकता के आधार पर उनकी समस्याओं का निराकरण कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त हुआ।
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भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष रामकिशोर पटेल ने कहा कि विपणन शाखा के क्रय केंद्रों को छोड़ दिया जाए तो किसी भी केंद्र पर किसानों का धान नहीं तौला जा रहा है। इन केंद्रों पर बिचौलिए पूरी तरह से हाबी हैं और निजी कर्मियों की मनमानी चरम पर है जिससे किसान अपना धान औने-पौने दामों पर बेच रहे हैं।
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उन्होंने कहा ऐसे-ऐसे किसानों का धान तौला गया है जिनके पास एक बीघा खेत तक नहीं है। कहा कि इन केंद्रों पर कितने किसानों से धान की खरीद की गई है, इसकी सूूची उपलब्ध कराई जाए।
जिलाध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि नहरों की सिल्ट साफ करने के बाद उसे पटरियों पर डाल दिया जा रहा है। सिंचाई विभाग की मनमानी के कारण नहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है और नहरें फिर से सिल्ट से पट रही हैं लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी इसे लेकर जरा भी गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। किसानों ने बताया कि छुट्टा मवेशी उनकी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं जिससे काफी परेशानी है।
जानकारी पर पहुंचे एसडीएम सदर अभय कुमार पांडेय और सीओ सुशील कुमार, जिला विपणन अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी ने किसानों से बात की। एसडीएम ने किसानों का धान नजदीक के केंद्रों पर तौल कराने के साथ ही अन्य मांगों का निराकरण प्राथमिकता पर कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद जाकर किसानों का धरना समाप्त हुआ।
इस मौके पर एमओ पवन अग्रहरि, एसएमआइ तरुन मिश्रा, सतीश वर्मा, रामानंद, रामसेवक रावत, उत्तम सिंह वर्मा, बाबादीन, कृष्ण पाल सिंह व शारदा बख्श सिंह आदि मौजूूद रहे।
पीडीएस की लोडिंग और चावल की अनलोडिंग को लेकर श्रमिकों और एफसीआई कर्मियों के बीच उपजे विवाद की डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर अभय कुमार पांडेय ने गोदाम पहुंच कर जांच की। इस दौरान कर्मचारियों और श्रमिकों को बुलाकर बात की गई।
श्रमिकों ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का अनाज भी लोड करना है और सरकारी चावल की अनलोडिंग भी उन्हीं लोगों को करनी है। ऐसे में हम लोगों से ओवरटाइम कराया जा रहा है जबकि हम लोग दस से पांच बजे तक ही कार्य करने को तैयार हैं।
एसडीएम ने बताया कि वार्ता के बाद यह तय हुआ कि एफसीआई के श्रमिक प्रतिदिन पीडीएस की लोडिंग के साथ ही सरकारी चावल का तीन-तीन लाट प्रतिदिन अनलोड करेंगे। जिससे धान की खरीद भी सुचारु गति से होती रहे।
इसके अलावा श्रमिकों की अन्य जो समस्याएं थीं उनका भी समाधान करा दिया गया है। इस मौके पर सीओ सुशील कुमार, डिप्टी आरएमओ संतोष कुमार द्विवेदी आदि मौजूद रहे।