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उत्पीड़न का आरोप लगा मेडिकल छात्रों ने किया प्रदर्शन
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सफेदाबाद (बाराबंकी)। मेयो मेडिकल कॉलेज गदिया के एमबीबीएस के छात्रों ने शनिवार को कॉलेज के सामने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया।
मेयो मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2017-18 बैच के एमबीबीएस के छात्र कॉलेज के गेट के सामने टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनका शोषण किया जा रहा है। आरोप है कि वर्ष भर में सरकार की तरफ से नियत 12 छुट्टियां दी जाती है जिन्हें कॉलेज ने निरस्त कर दिया। साथ ही इंटर्नशिप के दौरान दिए जाने वाला भत्ता भी नहीं दिया जा रहा है।
मनमाने ढंग से जब चाहे काम पर बुला लिया जाता है और न आने पर तमाम तरीके के फाइन लगाकर हजारों रुपयों की अवैध वसूली की जा रही है। ये पैसा नकद लिया जाता है और इसकी कोई रसीद तक नहीं दी जाती है ताकि कॉलेज प्रशासन की मनमानी पकड़ में न आए।
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सभी आरोपों का लिखित पत्र बनाकर छात्रों ने डीएम और एसपी को भी भेज न्याय की गुहार लगाई है। इससे पहले भी कॉलेज के छात्र कॉलेज प्रशासन पर इस तरह के गंभीर आरोप लगाकर मामले की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कॉलेज प्रशासन के रवैए में कोई सुधार नहीं आ रहा है।
छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार
कॉलेज की चेयरपर्सन मधुलिका सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि छात्रों द्वारा लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह से निराधार है। छात्र मनमर्जी करना चाहते हैं जिसकी छूट किसी भी कीमत पर नहीं दी जा सकती है। जो छुट्टियां सरकार द्वारा नियत हैं वह दी जा रही हैं। उस पर कोई रोक नहीं है। रात आठ बजे के बाद हॉस्टल से निकलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
सुबह आठ से शाम चार बजे तक ड्यूटी का समय है उसी समय में उन्हें बुलाया जाता है। जबकि कुछ छात्र अपनी मर्जी से ड्यूटी पर नहीं आते। जब उन पर सख्ती की जाती है तो वह प्रदर्शन पर उतारू हो जाते है। चेयरपर्सन ने बताया कि कि अगर छात्र नहीं सुधरे तो मेडिकल काउंसिल में इसकी शिकायत की जाएगी। छात्रों को किसी प्रकार का कोई उत्पीड़न नही किया जा रहा है।
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मेयो मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2017-18 बैच के एमबीबीएस के छात्र कॉलेज के गेट के सामने टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर आरोप लगाया कि उनका शोषण किया जा रहा है। आरोप है कि वर्ष भर में सरकार की तरफ से नियत 12 छुट्टियां दी जाती है जिन्हें कॉलेज ने निरस्त कर दिया। साथ ही इंटर्नशिप के दौरान दिए जाने वाला भत्ता भी नहीं दिया जा रहा है।
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मनमाने ढंग से जब चाहे काम पर बुला लिया जाता है और न आने पर तमाम तरीके के फाइन लगाकर हजारों रुपयों की अवैध वसूली की जा रही है। ये पैसा नकद लिया जाता है और इसकी कोई रसीद तक नहीं दी जाती है ताकि कॉलेज प्रशासन की मनमानी पकड़ में न आए।
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सभी आरोपों का लिखित पत्र बनाकर छात्रों ने डीएम और एसपी को भी भेज न्याय की गुहार लगाई है। इससे पहले भी कॉलेज के छात्र कॉलेज प्रशासन पर इस तरह के गंभीर आरोप लगाकर मामले की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कॉलेज प्रशासन के रवैए में कोई सुधार नहीं आ रहा है।
छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार
कॉलेज की चेयरपर्सन मधुलिका सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि छात्रों द्वारा लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह से निराधार है। छात्र मनमर्जी करना चाहते हैं जिसकी छूट किसी भी कीमत पर नहीं दी जा सकती है। जो छुट्टियां सरकार द्वारा नियत हैं वह दी जा रही हैं। उस पर कोई रोक नहीं है। रात आठ बजे के बाद हॉस्टल से निकलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
सुबह आठ से शाम चार बजे तक ड्यूटी का समय है उसी समय में उन्हें बुलाया जाता है। जबकि कुछ छात्र अपनी मर्जी से ड्यूटी पर नहीं आते। जब उन पर सख्ती की जाती है तो वह प्रदर्शन पर उतारू हो जाते है। चेयरपर्सन ने बताया कि कि अगर छात्र नहीं सुधरे तो मेडिकल काउंसिल में इसकी शिकायत की जाएगी। छात्रों को किसी प्रकार का कोई उत्पीड़न नही किया जा रहा है।