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निजी डॉक्टरों ने की हड़ताल, मरीज बेहाल

अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Tue, 06 Jun 2017 11:58 PM IST
बाराबंकी में मंगलवार को इंडियन मेडिकल एसोशिएसन द्वारा राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बाद शहर के घोशियाना में बंद पड़े निजी चिकित्सालय।
बाराबंकी में मंगलवार को इंडियन मेडिकल एसोशिएसन द्वारा राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बाद शहर के घोशियाना में बंद पड़े निजी चिकित्सालय। - फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार की नीतियों से परेशान निजी चिकित्सकों ने प्रांतीय नेतृत्व के आवाहन पर इसका विरोध प्रदर्शन किया और पूरे दिन हड़ताल पर रहे। चिकित्सकों ने इस दौरान ओपीडी बंद रखी। अस्पताल पहुंचने वाले गंभीर मरीजों का प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल इमरजेंसी रेफर किया गया। चिकित्सकों ने मांगों का ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा है।
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आवाहन पर मंगलवार को जिले के निजी चिकित्सक पूरे दिन पर हड़ताल पर रहे। एसोसिएशन के सचिव डॉ. रोहित अग्रवाल ने बताया कि यह हड़ताल राष्ट्रीय इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के तत्वाधान में आयोजित कर बीस सूत्रीय मांगों का समर्थन किया।

उन्होंने हड़ताल से होने वाली मरीजों को असुविधा न होने पाए इसके लिए उनका प्राथमिक उपचार कर उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों की सेवा के प्रति सरकार की उदासीनता एवं नकारात्मक सोच के कारण मजबूरी वश हड़ताल करनी पड़ी। डॉक्टरों की प्रमुख मांगों में क्लीनिकल ईस्टेब्लीशमेंट एक्ट में आवश्यक परिवर्तन किए जाने, डॉक्टरों पर आईपीसी के तहत कार्रवाई न किए जाने, छोटे नर्सिंग होम को अनावश्यक नियमों से अवमुक्त किए जाने समेत आदि मांगे शामिल हैं।

संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार जैन के साथ चिकित्सक मंडल ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने कहा कि सरकार मरीजों का इलाज सस्ता करने की बात कहते हुए और मंहगा कर रही है। सरकार की कई नीतियां हैं जिसमें सुधार करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि जेनेरिक दवाएं लिखने में चिकित्सकों को कोई समस्या नहीं है, पर जो दवा लिखी जाए उसे केमिस्ट अच्छी गुणवत्ता की दे रहा है या नहीं इसकी पूर्ण जिम्मेदारी ली जाए। केमिस्ट ज्यादा मुनाफे के चक्कर में मरीजों को कम गुणवत्ता वाली दवाएं बेंचकर उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं और इसका असर चिकित्सकों की कार्यशैली पर पड़ेगा। जिसे चिकित्सक कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।

निजी चिकित्सकों की हड़ताल का असर जिला अस्पताल की इमरजेंसी पर पड़ा। मंगलवार को रोज की अपेक्षा काफी ज्यादा मरीज पहुंचे। सोमवार को इमरजेंसी में करीब 258 मरीजों की आमद थी, जो मंगलवार को शाम तक पौने चार के करीब जा पहुंची।

इस मामले में सीएमअाे डॉ. डीआर सिंह ने बाताया निजी चिकित्सकों की पूर्व नियोजित हड़ताल थी। जिसके मद्देनजर सभी सरकारी अस्पतालों को मरीजों के इलाज के लिए निर्देश दिए गए थे। मंगलवार को इमरजेंसी में आए मरीजों का इलाज किया गया।

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