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आसमान छू रही आलू की कीमतों से किसान परेशान

Tue, 16 Nov 2021 12:54 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Nov 2021 12:54 AM IST
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टिकैतनगर (बाराबंकी)। धान की कटाई जोरों पर है, इसके साथ ही आलू बोआई का अभी सीजन चल रहा है। लेकिन आलू के दाम आसमान छूने से किसान परेशान हैं। एक महीने में आलू के दाम दोगुना होने से आलू की खेती की तैयारी करने वाले किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा है। आलू का दाम बढ़ने से इसकी खेती का रकबा भी घट सकता है।
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जिले के अंतिम छोर पर विकासखंड पूरेडलई क्षेत्र में टिकैतनगर, कस्बा इचौली, सरायनेतामऊ, बघौली, भटपुरवा, सराही, बनगांवा, दुल्हदेपुर, सेवड़ा, नसीमपुर, टाड़ा, पानापुर सहित कई गांव में धान की कटाई करने के बाद अधिकांश किसान आलू के साथ प्याज और लहसुन की खेती करते हैं। लेकिन आलू के दामों में तेजी से उछाल होने की वजह से किसान परेशान हैं।
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सरायनेतामऊ निवासी किसान रामलखन का कहना है कि अक्टूबर के पहले सप्ताह में सफेद आलू का दाम 8 से 10 रुपये प्रति किलो था। वहीं लाल आलू का दाम 14 से 16 रुपये प्रति किलो था, जबकि एक महीने बीतते ही आलू के दामों में तेजी से उछाल हुआ है।
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अब सफेद आलू 15 से 18 रुपये किलो है। वहीं लाल आलू की कीमत 20 से 22 रुपये प्रति किलो हो गई हैं। ऐसे में किसानों को आलू की खेती करने में लागत अधिक आ रही है। इससे पिछले साल की तुलना किसान आलू की बोवाई में कम रुचि ले रहे हैं। बनगांवा गांव निवासी किसान संतोष ने कहा कि इस समय मंडी में आलू का दाम बढ़ गया है।
इस कारण खेती में लागत बढ़ गई है। इसलिए आलू की खेती कम की जा रही है। कस्बा निवासी किसान राकेश ने बताया कि आलू की कीमत बढ़ने से खेती पर असर पड़ रहा है, जो किसान एक एकड़ में खेती करते थे वह सिर्फ खाने भर के लिए खेती करने पर विचार बना रहे हैं।

अभी भी भरा है खेतों में पानी
सरयू नदी की कछार में बसे गांव में किसानों के खेतों में इस बार खेती की उम्मीद कम ही है। नदी में आई बाढ़ से जहां पर खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है तो कहीं कीचड़ है। ऐसे में अभी धान की फसल की कटाई का कार्य भी नहीं हो पाया है। हालांकि किसान धान की फसल काटने में जुटे हुए हैं। ऐसे में अगली फसल की बोवाई में अभी एक पखवाड़े के बाद ही उम्मीद है। यहां पर सरसों की फसल की भारी मात्रा में बोआई होती है।
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