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शहर में पिंक टॉयलेट नहीं, आधी आबादी को अखर रही कमी
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बाराबंकी। सरकार गांवों में शौचालय निर्माण पर पूरा जोर दे रही है, लेकिन शहरी इलाकों में कोई ठोस नीति न होने से सार्वजनिक व सुलभ शौचालय की कमी हर किसी को परेशान करती है। खासकर बाजार गई महिलाओं को यह कमी ज्यादा अखरती है। शहर की घनी आबादी के बीच बाजारों में महिलाओं को आए दिन इस परेशानी से दो चार होना पड़ता है। नगर पालिका द्वारा पिंक टॉयलेट की सुविधा देने की सुविधा भी पूरी तरह से फेल है।
शहर में वैसे तो कई शुलभ शौचालय बने हैं, लेकिन यह प्रयोग लायक नहीं हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत आधी आबादी को होती है। खासकर शहर के प्रमुख बाजार व भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर। शहर की बात करें तो सतरिख नाका, धनोखर चौराहा, लखपेड़ाबाग चौराहा, पल्हरी चौराहा समेत कई ऐसे बड़े स्थान हैं, जहां लोगों की भीड़ अधिक रहती है।
पर यहां पर एक भी पिंक टॉयलेट न होने से महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। इस समस्या पर न तो अधिकारी ध्यान देते हैं न ही जनप्रतिनिधि व समाजसेवी। सरकार भले ही महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मिशन शक्ति अभियान चला रही हो, लेकिन शहर में इस सुविधा के अभाव के चलते यह अभियान कहीं न कहीं फेल है।
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नगर पालिका परिषद परिसर में बने पिंक टॉयलेट की सुविधा महिलाओं को नहीं मिल पा रही है। जबकि इसके पास ही पार्क और चाट आदि के ठेले आदि लगने से यहां काफी अधिक भीड़ प्रतिदिन होती है बावजूद इसके इस पिंक टॉयलेट में ताला लटक रहा है। जिम्मेदार जानबूझ कर अंजान बने हैं, जबकि गंदगी आदि की भी स्थिति दिख रही है।
जगह नहीं कहां बनाएं पिंक टॉयलेट
शहर के जो प्रमुख स्थान हैं, वहां पर पिंक टॉयलेट बनाने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं हैं। शासन से बजट मिला था, उससे एक टॉयलेट बनवाया गया हैं। ताला बंद होने की जानकारी नहीं हैं।
- पवन कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद।
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शहर में वैसे तो कई शुलभ शौचालय बने हैं, लेकिन यह प्रयोग लायक नहीं हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत आधी आबादी को होती है। खासकर शहर के प्रमुख बाजार व भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर। शहर की बात करें तो सतरिख नाका, धनोखर चौराहा, लखपेड़ाबाग चौराहा, पल्हरी चौराहा समेत कई ऐसे बड़े स्थान हैं, जहां लोगों की भीड़ अधिक रहती है।
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पर यहां पर एक भी पिंक टॉयलेट न होने से महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। इस समस्या पर न तो अधिकारी ध्यान देते हैं न ही जनप्रतिनिधि व समाजसेवी। सरकार भले ही महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मिशन शक्ति अभियान चला रही हो, लेकिन शहर में इस सुविधा के अभाव के चलते यह अभियान कहीं न कहीं फेल है।
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नगर पालिका परिषद परिसर में बने पिंक टॉयलेट की सुविधा महिलाओं को नहीं मिल पा रही है। जबकि इसके पास ही पार्क और चाट आदि के ठेले आदि लगने से यहां काफी अधिक भीड़ प्रतिदिन होती है बावजूद इसके इस पिंक टॉयलेट में ताला लटक रहा है। जिम्मेदार जानबूझ कर अंजान बने हैं, जबकि गंदगी आदि की भी स्थिति दिख रही है।
जगह नहीं कहां बनाएं पिंक टॉयलेट
शहर के जो प्रमुख स्थान हैं, वहां पर पिंक टॉयलेट बनाने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं हैं। शासन से बजट मिला था, उससे एक टॉयलेट बनवाया गया हैं। ताला बंद होने की जानकारी नहीं हैं।
- पवन कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद।