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नोटबंदी से पेट्रोल पंपों पर खूब बरसे नोट
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sun, 27 Nov 2016 10:55 PM IST
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20 फीसदी तक बढ़ी पेट्रोल व डीजल की बिक्री
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी से भले ही आम जनता को परेशानी हुई हो लेकिन इसका असर पेट्रोल पंपों पर नहीं दिखाई दिया। नोटबंदी के कारण पेट्रोल और डीजल की ब्रिकी में करीब 20 फीसदी का इजाफा हुआ है। जिले में करीब 120 पंप का संचालन विभिन्न कंपनियों द्वारा किया जा रहा है जहां पर आए दिन लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। व्यापारियों की माने तो प्रत्येक पेट्रोल पंप पर करीब 20 हजार लीटर डीजल व 20 हजार लीटर पेट्रोल रखने का स्टाक रहता है। हालांकि पंप मालिक इससे कई तरह की दिक्कतोें को होने का भी रोना रो रहे है।
पांच सौ व एक हजार के नोट पर केंद्र सरकार के द्वारा पाबंदी लगाने के बाद से एक तरफ जहां बाजार मेें मंदी छाई है वहीं उसके उलट इन दिनोें पेट्रोल पंपों पर बहार है। भले ही एक हजार के नोट लेने पर पाबंदी लगा दी गई हो लेकिन पांच सौ के नोट लेने से पेट्रोल पंपों पर आए दिन लोगों की भीड़ लगी रहती है। कुछ लोग तो पुराने नोटों से पेट्रोल व डीजल का स्टाक करने से भी नहीं चूक रहे है। इसके चलते जिले के समस्त पेट्रोल पंप संचालकोें की कमाई में भी इजाफ हुआ है।
मगर, ग्राहक व कर्मियों के बीच विवादों से हुई दिक्कत
पेट्रोल संचालक श्हर के लखनऊ मार्ग निवासी दीपक जैन ने कहा कि नोट बंदी से पेट्रोल पंपों पर डीजल व पेट्रोल की बिक्री में इजाफा तो हुआ है लेकिन इसके चलते पंप मालिकों को कई तरह की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। इनकी माने तो सबसे ज्यादा डीजल व पेट्रोल की बिक्री 9 नवंबर व 24 नवंबर को हुई है।
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हालांकि अन्य दिनों में बिक्री में इजाफा तो हुआ लेकिन बहुत ज्यादा नहीं। पेट्रोल पंप संचालक नवीन सिंह राठौर ने कहा कि लोग पांच सौ का नोट देकर सौ रुपये का पेट्रोल लेेते है ऐसे में कर्मचारियोें व ग्राहक के बीच विवाद होने की नौबत आ रही है। कहा इसके चलते पंप मालिक बहुत परेशान है लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
नोट बंदी के बाद पेट्रोल पंप पर 500 और हजार की नोट चलने के कारण बिक्री में करीब 20 फीसदी का इजाफा हुआ है । नोट खपाने के लिए टंकी फुला करा रहे हैं। -दीपक जैन, जिला सचिव, पेट्रोल डीलर्स एसोशिएसन
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पांच सौ व एक हजार के नोट पर केंद्र सरकार के द्वारा पाबंदी लगाने के बाद से एक तरफ जहां बाजार मेें मंदी छाई है वहीं उसके उलट इन दिनोें पेट्रोल पंपों पर बहार है। भले ही एक हजार के नोट लेने पर पाबंदी लगा दी गई हो लेकिन पांच सौ के नोट लेने से पेट्रोल पंपों पर आए दिन लोगों की भीड़ लगी रहती है। कुछ लोग तो पुराने नोटों से पेट्रोल व डीजल का स्टाक करने से भी नहीं चूक रहे है। इसके चलते जिले के समस्त पेट्रोल पंप संचालकोें की कमाई में भी इजाफ हुआ है।
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मगर, ग्राहक व कर्मियों के बीच विवादों से हुई दिक्कत
पेट्रोल संचालक श्हर के लखनऊ मार्ग निवासी दीपक जैन ने कहा कि नोट बंदी से पेट्रोल पंपों पर डीजल व पेट्रोल की बिक्री में इजाफा तो हुआ है लेकिन इसके चलते पंप मालिकों को कई तरह की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। इनकी माने तो सबसे ज्यादा डीजल व पेट्रोल की बिक्री 9 नवंबर व 24 नवंबर को हुई है।
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हालांकि अन्य दिनों में बिक्री में इजाफा तो हुआ लेकिन बहुत ज्यादा नहीं। पेट्रोल पंप संचालक नवीन सिंह राठौर ने कहा कि लोग पांच सौ का नोट देकर सौ रुपये का पेट्रोल लेेते है ऐसे में कर्मचारियोें व ग्राहक के बीच विवाद होने की नौबत आ रही है। कहा इसके चलते पंप मालिक बहुत परेशान है लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
नोट बंदी के बाद पेट्रोल पंप पर 500 और हजार की नोट चलने के कारण बिक्री में करीब 20 फीसदी का इजाफा हुआ है । नोट खपाने के लिए टंकी फुला करा रहे हैं। -दीपक जैन, जिला सचिव, पेट्रोल डीलर्स एसोशिएसन