फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   panchayati raj

ईयरबुक क्लोज करने में लेटलतीफी, बडे घोटाले की आशंका

Wed, 14 Jul 2021 12:45 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jul 2021 12:45 AM IST
विज्ञापन
panchayati raj
बाराबंकी। पंचायती राज विभाग में घोटालों की परत दर परत खुलती दिख रही है। वित्तीय वर्ष की समाप्त होने के साथ क्लोज की जानी वाली वार्षिक पुस्तिका (ईयर बुक) तीन माह बाद भी क्लोज नहीं हो सकी। क्योंकि करोड़ों के खर्च का लेखा-जोखा न होने से सचिवों ने कैशबुक जमा नहीं की। जिससे ईयर बुक क्लोज करने में दिक्कत हो रही है। इसको लेकर उप निदेशक पंचायती राज ने कार्रवाई की चेतावनी भी दी। मगर, जिम्मेदारों की माने तो 10 जुलाई तक 196 पंचायतों की ईयर बुक क्लोज नहीं हो सकी।
विज्ञापन

पंचायती राज विभाग के कार्यों की पारदर्शिता को लेकर ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के प्लान प्लस सॉफ्टवेयर पर ग्राम पंचायतों में वार्षिक कार्ययोजना बनाकर फीड की जाती है। इसके बाद एक्शन सॉफ्टवयेर से वर्क आईडी निकालकर विकास कार्य कराए जाते हैं। विकास कार्य में कितना पैसा खर्च हुआ, उसका लेखा-जोखा मय बिल वाउचर के साथ प्रिया सॉफ्टवेयर में अपलोड कर उस वर्ष की वार्षिक पुस्तिका (ईयर बुक) बंद की जाती है।
विज्ञापन

ई-ग्राम स्वराज पर यह ईयर बुक हर वर्ष के 31 मार्च तक क्लोज हो जानी चाहिए। इसकी खास बात यह है कि बिना ईयर बुक क्लोज किए दूसरे वित्तीय वर्ष में कार्य नहीं हो सकता। मगर, विकास कार्यों को लेकर आई करोड़ों की राशि के दीमक बने पंचायत सचिवों की मनमानी से जिले में ऐसा नहीं हुआ। जिले की 1161 ग्राम पंचायतों में से आधे से अधिक पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2020-21 के तीन माह गुजरने के बाद सचिवों की मनमानी के चलते वार्षिक पुस्तिका बंद नहीं हुई। बावजूद इसके बिना ईयर बुक क्लोज किए ही विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आने वाले इस मामले को पंचायती राज विभाग के उप निदेशक मंडल अयोध्या संजय कुमार ने गंभीरता से लिया। उन्होंने ईयर बुक क्लोज न करने वाली ग्राम पंचायतों को नोटिस देकर जल्द से जल्द वार्षिक पुस्तिका बंद करने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि ईयर बुक एक सप्ताह के अंदर नहीं बंद होती है तो कार्रवाई की जाएगी। मगर, सचिवों के पास कार्यों को लेखा-जोखा (बिल वाउचर) न होने से कैशबुक जमा नहीं की।
हालांकि चेतावनी के बाद ईयर बुक बंद करने के काम में तेजी आई। मगर, 10 जुलाई तक 196 ग्राम पंचायतों की ईयर बुक क्लोज नहीं हुई। जबकि प्रत्येक पंचायत में प्रतिवर्ष 10 से लेकर 20 लाख से अधिक तक के कार्य कराए जाते हैं। ऐसे ईयर बुक क्लोज होने में लग रहे वक्त को देख बड़े घोटाले की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। अगर, मामले की जांच हुई तो पंचायत सचिव के साथ कई बड़े भी इसकी जद में आएंगे।

ईयर बुक क्लोज करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। अभी तक 965 पंचायतों की ईयर बुक क्लोज की गई है। शेष 196 ग्राम पंचायतों की ईयर बुक क्लोज करने का काम जल्दी कर लिया जाएगा।
-निरंकार मिश्रा, डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट मैनेजर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed