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फर्जी पाई गई हाईस्कूल की मार्कशीट, जांच के आदेश
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देवा (बाराबंकी)। क्षेत्र में पंचायत सहायक भर्ती के एक अभ्यर्थी द्वारा प्रथम वरीयता क्रम में चयनित होने के लिए अपने हाईस्कूल के अंकपत्र में छेड़छाड़ कर कूटरचित फर्जी मार्कशीट बनाने का मामला प्रकाश में आया है। मामला तब उजागर हुआ जब ऑनलाइन अंकपत्र और आवेदन पत्र के साथ संलग्न अंकपत्र में अंकित अंकों की जांच की गई तो उसमें भिन्नता पाई गई। बीडीओ ने हेराफेरी की पुष्टि होने पर अभ्यर्थी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मामला विकासखंड देवा की ग्रामसभा पवैयाबाद का है। यहां पर पंचायत सहायक भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों की मेरिट सूची की जांच खंड विकास अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की जा रही थी। ग्राम पंचायत में प्रथम वरीयता क्रम में चयनित हुई रेनू निवासी बिठहा मजरे पवैयाबाद के आवेदन पत्र के साथ संलग्न हाईस्कूल अंकपत्र की जांच माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज की वेबसाइट पर की गई। इसमें पाया गया कि ऑनलाइन अंकपत्र और आवेदन पत्र के साथ संलग्न मार्कशीट में अंकित नंबरों में भिन्नता है।
इसी के बाद बीडीओ मुनेश चंद्र ने पूरे मामले की जांच ग्राम पंचायत सचिव दिनेश कुशवाहा से कराने और अभ्यर्थी के मूल दस्तावेजों से मिलान करते हुए पुन: प्रशासनिक समिति की बैठक कर नियमानुसार चयन प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। बीडीओ ने बताया कि पंचायत सचिव को निर्देश दिया गया है कि यदि अंकपत्रों में हेराफेरी की पुष्टि होती है। तो अभ्यर्थी के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने आदि अभियोग के तहत विधिक कार्रवाई की जाए।
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मामला विकासखंड देवा की ग्रामसभा पवैयाबाद का है। यहां पर पंचायत सहायक भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों की मेरिट सूची की जांच खंड विकास अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की जा रही थी। ग्राम पंचायत में प्रथम वरीयता क्रम में चयनित हुई रेनू निवासी बिठहा मजरे पवैयाबाद के आवेदन पत्र के साथ संलग्न हाईस्कूल अंकपत्र की जांच माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज की वेबसाइट पर की गई। इसमें पाया गया कि ऑनलाइन अंकपत्र और आवेदन पत्र के साथ संलग्न मार्कशीट में अंकित नंबरों में भिन्नता है।
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इसी के बाद बीडीओ मुनेश चंद्र ने पूरे मामले की जांच ग्राम पंचायत सचिव दिनेश कुशवाहा से कराने और अभ्यर्थी के मूल दस्तावेजों से मिलान करते हुए पुन: प्रशासनिक समिति की बैठक कर नियमानुसार चयन प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। बीडीओ ने बताया कि पंचायत सचिव को निर्देश दिया गया है कि यदि अंकपत्रों में हेराफेरी की पुष्टि होती है। तो अभ्यर्थी के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने आदि अभियोग के तहत विधिक कार्रवाई की जाए।
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