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कागजों पर चल रहा आक्सीजन प्लांट लगाने का काम

Mon, 28 Jun 2021 11:54 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 28 Jun 2021 11:54 PM IST
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oxygen plant
बाराबंकी। कोरोना से निपटने के लिए जिले में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने का कार्य सिर्फ कागजों पर ही चल रहा है। ऐसे मेें कोरोना की तीसरी लहर से निपटना विभाग के लिए आसान नहीं होगा। हालांकि विभाग का दावा है कि 30 जुलाई तक ये प्लांट तैयार हो जाएंगे। क्योंकि जिस तरह से तैयारियां चल रही है उससे नहीं लगता है कि ये प्लांट निर्धारित समय में लग पाएंगे।
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जिला अस्पताल के अलावा जिला महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिद्धौर, फतेहपुर और संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने हैं। कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन को लेकर जो संकट पैदा हुआ वह किसी से छिपा नहीं हैं। लोग ऑक्सीजन के लिए प्लांटों के चक्कर काटते रहे और उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल पाई थी।
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यहां तक होम आइसोलेशन के मरीजों को तो महंगे दामों पर ऑक्सीजन खरीदनी पड़ी थी। उसे देखते हुए जिले के पांच अस्पतालों में प्लांट लगाए जाने का निर्णय लिया गया। इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया और शासन ने इसके लिए एजेंसियां भी निर्धारित कर दीं कि कौन एजेंसी कहां पर कितनी क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगाएगी।
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लेकिन अभी तक कहीं पर भी प्लांट लगाए जाने का कार्य नामित एजेंसियों द्वारा शुरू नहीं किया जा सका है। जबकि विभाग का दावा है ये प्लांट 30 जुलाई से पहले लग जाएंगे। लेकिन प्लांट लगाने को लेकर जिस तरह से कार्य चल रहा है उससे नहीं लगता है कि निर्धारित अवधि में ये प्लांट लग पाएंगे।
कहां पर लगेगा कितनी क्षमता का प्लांट
जिला अस्पताल में 1000 लीटर इसे स्वयंसेवी संस्था पाथ लगा रही है। महिला अस्पताल में पीएम केयर फंड/ सीएसआर द्वारा 500 लीटर का प्लांट लगाया जाना है। संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर में भी पीएम केयर फंड/ सीएसआर द्वारा 1000 लीटर, सीएचसी फतेहपुर में टोरेंटो कंपनी द्वारा 165 लीटर और सिद्धौर में हैदरगढ़ चीनी मिल द्वारा 330 लीटर का ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाना है।
ऑक्सीजन न मिलने से गई थी सौ से अधिक जान
कोरोना की दूसरी लहर इतनी भयानक थी कि उसे याद कर आज भी रूह कांप उठती है। उन लोगों से पूछिए जिनके अपने ऑक्सीजन की कमी की वजह से असमय काल के गाल में समा गए। इन लोगों ने ऑक्सीजन पाने के लिए क्या कुछ नहीं किया था लेकिन उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल सकी थी। जबकि कालाबाजारी करने वालों को ऑक्सीजन आसानी से मिल जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग की माने तो इस वर्ष कोरोना की चपेट में आकर करीब सवा सौ लोगों की जान गई हैं।

जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल समेत पांच अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने हैं। जिला अस्पताल और सीएचसी सिद्धौर में निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। शासन स्तर से एजेंसियां भी नामित हो गई हैं। कुछ तकनीकी औपचारिकताएं हैं जिनकी स्वीकृति के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
-डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ
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