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खतौनी की तरह ऑनलाइन मिलेगा खसरा
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बाराबंकी। कलेक्ट्रेट का निरीक्षण करते अध्यक्ष राजस्व परिषद डॉ.दीपक त्रिवेदी।
- फोटो : BARABANKI
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बाराबंकी। राजस्व परिषद के अध्यक्ष दीपक त्रिवेदी ने कहा कि अब खतौनी की तरह लोगों को खसरा भी ऑनलाइन मिलेगा। इसमें अब 40 प्रकार की जानकारियां भी दर्ज की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि एसडीएम और तहसीलदार खुद अपडेट रहें और महीने में एक बार मुआयना कर बाबुओं को भी अपडेट कराएं। क्योंकि निरीक्षण का मतलब कमियां ढूंढना नहीं अच्छाईयों का प्रचार-प्रसार करना है।
राजस्व परिषद के अध्यक्ष ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट और तहसील सदर का मुआयना किया और अधिकारियों संग बैठक में यह बातें कहीं। पूर्वाह्न करीब 11 बजे अध्यक्ष सबसे पहले कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर उन्हें सलामी के बाद कमिश्नर और डीएम ने अगवानी की। चार अफसरों के साथ अध्यक्ष ने एक-एक पटल का निरीक्षण किया और सीधे पटल सहायकों से जानकारी ली। व्यवस्था इतनी चाकचौबंद थी कि मीडिया से लेकर एसडीएम तक को निरीक्षण के समय परिसर में प्रवेश नहीं मिला।
करीब दो घंटे तक निरीक्षण के बाद वकील और मीडिया से रूबरू हुए अध्यक्ष दीपक त्रिवेदी ने बताया कि निरीक्षण का मतलब कमियां देखना नहीं बल्कि हर पटल पर कार्य पूरी तरह अपडेट रहे, इसको सुनिश्चित करना है। लोक सभागार में आयोजित बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सब कुछ कम्प्यूटराइज्ड हो गया है। छोटे-छोटे कार्य पोर्टल पर होते हैं।
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ऐसे में खतौनी की तरह ऑनलाइन खसरा भी लोगों को दिया जाये। ताकि इसके लिए लोगों को दौड़भाग न करनी पड़ी। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को टिप्स देते हुए कहा कि वह स्वयं मुआयना करें। इस मौके पर कमिश्नर अयोध्या एमपी अग्रवाल, डीएम डॉ. आदर्श सिंह, एडीएम संदीप गुप्ता व सभी एसडीएम व तहसीलदार मौजूद थे। इसी दौरान परिषद के अध्यक्ष कलक्ट्रेट में लगी इंटरलॉकिंग कार्य का उद्घाटन किया।
फूलों और गुब्बारों की सजावट के बीच ड्रेस कोड में दिखे अफसर
राजस्व परिषद के अफसर के निरीक्षण को लेकर कई दिनों से चल रही कसरत की तस्वीर आज साफ दिख रही थी। गुब्बारों और फूलों की लड़ी की सजावट के बीच पड़ी मुलायम कालीन बता रही थी कि सबकुछ चमाचम दिखाने की कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी गई। हर पटल पर मुस्तैदी थी तो कोर्ट में भी फाइलें और कलेंडर अपडेट थे।
कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक सब ड्रेस कोड में थे। हों भी क्यों न उनके सबसे बड़े मुखिया का निरीक्षण जो था। डीएम और तहसीलदार की कोर्ट का भी निरीक्षण किया। दिनभर बदले इस माहौल को देखने के लिए निरीक्षण के बाद लोग पहुंचे। हालांकि अधिकारियों ने निरीक्षण में सबकुछ चमाचम और अपडेट दिखाने के बाद राहत की सांस ली।
निराश लौटे फरियादी, नहीं मिल सके अफसर
निरीक्षण को लेकर जिलेभर के अफसर जहां उसमें लगे थे वहीं अपनी-अपनी समस्या लेकर पहुंचे फरियादी अपनी बात अफसरों तक नही पहुंचा पाए। इससे उनमें निराशा भी दिखी। मैनेजमेंट इतना बढ़िया था कि कुछ लोग वकीलों से लेकर फरियादियों को बाहर समझाने में भी सफल रहे। कई लोगों ने मिलने का प्रयास किया पर उनकी दाल न गली।
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राजस्व परिषद के अध्यक्ष ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट और तहसील सदर का मुआयना किया और अधिकारियों संग बैठक में यह बातें कहीं। पूर्वाह्न करीब 11 बजे अध्यक्ष सबसे पहले कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर उन्हें सलामी के बाद कमिश्नर और डीएम ने अगवानी की। चार अफसरों के साथ अध्यक्ष ने एक-एक पटल का निरीक्षण किया और सीधे पटल सहायकों से जानकारी ली। व्यवस्था इतनी चाकचौबंद थी कि मीडिया से लेकर एसडीएम तक को निरीक्षण के समय परिसर में प्रवेश नहीं मिला।
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करीब दो घंटे तक निरीक्षण के बाद वकील और मीडिया से रूबरू हुए अध्यक्ष दीपक त्रिवेदी ने बताया कि निरीक्षण का मतलब कमियां देखना नहीं बल्कि हर पटल पर कार्य पूरी तरह अपडेट रहे, इसको सुनिश्चित करना है। लोक सभागार में आयोजित बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सब कुछ कम्प्यूटराइज्ड हो गया है। छोटे-छोटे कार्य पोर्टल पर होते हैं।
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ऐसे में खतौनी की तरह ऑनलाइन खसरा भी लोगों को दिया जाये। ताकि इसके लिए लोगों को दौड़भाग न करनी पड़ी। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को टिप्स देते हुए कहा कि वह स्वयं मुआयना करें। इस मौके पर कमिश्नर अयोध्या एमपी अग्रवाल, डीएम डॉ. आदर्श सिंह, एडीएम संदीप गुप्ता व सभी एसडीएम व तहसीलदार मौजूद थे। इसी दौरान परिषद के अध्यक्ष कलक्ट्रेट में लगी इंटरलॉकिंग कार्य का उद्घाटन किया।
फूलों और गुब्बारों की सजावट के बीच ड्रेस कोड में दिखे अफसर
राजस्व परिषद के अफसर के निरीक्षण को लेकर कई दिनों से चल रही कसरत की तस्वीर आज साफ दिख रही थी। गुब्बारों और फूलों की लड़ी की सजावट के बीच पड़ी मुलायम कालीन बता रही थी कि सबकुछ चमाचम दिखाने की कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी गई। हर पटल पर मुस्तैदी थी तो कोर्ट में भी फाइलें और कलेंडर अपडेट थे।
कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक सब ड्रेस कोड में थे। हों भी क्यों न उनके सबसे बड़े मुखिया का निरीक्षण जो था। डीएम और तहसीलदार की कोर्ट का भी निरीक्षण किया। दिनभर बदले इस माहौल को देखने के लिए निरीक्षण के बाद लोग पहुंचे। हालांकि अधिकारियों ने निरीक्षण में सबकुछ चमाचम और अपडेट दिखाने के बाद राहत की सांस ली।
निराश लौटे फरियादी, नहीं मिल सके अफसर
निरीक्षण को लेकर जिलेभर के अफसर जहां उसमें लगे थे वहीं अपनी-अपनी समस्या लेकर पहुंचे फरियादी अपनी बात अफसरों तक नही पहुंचा पाए। इससे उनमें निराशा भी दिखी। मैनेजमेंट इतना बढ़िया था कि कुछ लोग वकीलों से लेकर फरियादियों को बाहर समझाने में भी सफल रहे। कई लोगों ने मिलने का प्रयास किया पर उनकी दाल न गली।