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Barabanki News: मानकों पर खरे नहीं नर्सिंग होम

Sun, 29 Mar 2026 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Sun, 29 Mar 2026 12:28 AM IST
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Nursing homes do not meet the standards
अमेठी सिटी। विभिन्न बाजारों में संचालित नर्सिंग होम चिकित्सीय मानकों पर खरे नहीं हैं। इसके बाद भी धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। कागजी खानापूर्ति करके लाइसेंस तो ले लिया, लेकिन इंडियन मेडिकल काउंसिल के मानक पूरे नहीं हो रहे हैं। बाजारशुकुल, अमेठी, गौरीगंज, जगदीशपुर, कमरौली, इन्हौना, जायस में अस्पतालों का मकड़जाल है।
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जिले में करीब 138 निजी अस्पताल व क्लीनिक संचालित हैं। कोरोना काल के बाद अस्पताल खोलने का चलन बढ़ गया। इंडियन मेडिकल काउंसिल की ओर से निजी अस्पताल संचालित करने के लिए डिप्लोमा होल्डर फुलटाइम फार्मासिस्ट के साथ ही 10 बेड पर एक नर्सिंग सहायक होना चाहिए। दो लैब टेक्नीशियन व लैब असिस्टेंट के साथ एक प्रशासनिक अधिकारी हो। अलग-अलग बीमारियों के लिए परामर्शदाता चिकित्सक, स्पेशल परीक्षण कक्ष, ट्रीटमेंट ड्रेसिंग रूम, नर्स स्टाफ, ओटी स्टाफ फुल टाइम टेक्निकल, एनेस्थीसिया, असिस्टेंट व टेक्नीशियन, पूछताछ कक्ष, पंजीयन कक्ष, रैंप, कॉरिडोर, मरीजों के इंतजार करने का एरिया आदि होना चाहिए।
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अस्पताल में पंजीकृत चिकित्सक व स्टाफ ही होने चाहिए। सफाई व्यवस्था के साथ ही बिजली, दवा, कैंटीन आदि की भी व्यवस्था होनी चाहिए। अस्पताल व क्लीनिक तो संचालित कर दिए, लेकिन मरीजों के इलाज से संबंधित बंदोबस्त न होने कारण आए दिन मरीजों को जान गंवानी पड़ रही है। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि अवैध और मानकविहीन निजी अस्पतालों के खिलाफ जांच करके कार्रवाई की जा रही है।
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घरों में चल रहे ज्यादातर अस्पताल
अस्पतालों के संचालन वाले भवनों के लिए इंडियन मेडिकल काउंसिल की ओर से मानक निर्धारित है। अस्पताल में बने वार्ड, डॉक्टर रूम, ट्रीटमेंट रूम, ऑपरेशन रूम, डिलीवरी रूम, मरीजों व उनके तीमारदारों के बैठने के लिए पर्याप्त स्थान, कैंटीन व पार्किंग, पेयजल और शौचालय के लिए पर्याप्त स्थान निर्धारित किया गया है। कुछ अस्पतालों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर अस्पताल पहले से बने छोटे-बड़े घरों में ही संचालित हैं।
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