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Barabanki News: गैर इरादतन हत्या में चार दोषियों को 10 साल की सजा
Tue, 01 Sep 2026 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 01 Sep 2026 12:27 AM IST
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बाराबंकी। दो पक्ष के बीच मारपीट व हमले के मामले में अदालत ने गैर इरादतन हत्या के जुर्म में दो सगे भाइयों समेत चार लोगों को 10-10 साल के कठोर कारावास के साथ 53-53 हजार रुपये जुर्माना लगाने की सजा सुनाई है। वहीं दूसरे पक्ष के तीन लोगों को भी मामले में दोषी मानते हुए तीन साल के कठोर कारावास के साथ चार-चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार देवा के सिपहिया गांव निवासिनी सलमा ने बताया कि 11 फरवरी 2017 की सुबह उनकी बकरी गांव के ही कुर्बान के खेत में चली गई थी। इसे लेकर कुर्बान अली, उनके बेटे जावेद, सरताज व नरगिस ने डंडा, लाठी हाकी, रॉड और फावड़ा से हमला कर दिया। इसमें भाई तौफीक, बहनोई महबूब, बहन संतो, भांजा सलमान, शहरयार भाभी महफूनिशा, बहनोई रशीद घायल हो गएा। तौफीक और महबूब को ज्यादा चोटें आईं।
इलाज के दौरान तौफीक की मौत हो गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने नरगिस का अपराध में शामिल होना नहीं पाया जबकि हमीदन की संलिप्तता पाई गई। अदालत में सुनवाई के दौरान कुर्बान की मौत हो गई। अपर सत्र न्यायाधीश कीर्ति माला सिंह ने जावेद अहमद, सरताज, हमीदन व जाफर को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। वहीं दूसरे पक्ष के नसीम ,रईस और महबूब को तीन वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया गया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार देवा के सिपहिया गांव निवासिनी सलमा ने बताया कि 11 फरवरी 2017 की सुबह उनकी बकरी गांव के ही कुर्बान के खेत में चली गई थी। इसे लेकर कुर्बान अली, उनके बेटे जावेद, सरताज व नरगिस ने डंडा, लाठी हाकी, रॉड और फावड़ा से हमला कर दिया। इसमें भाई तौफीक, बहनोई महबूब, बहन संतो, भांजा सलमान, शहरयार भाभी महफूनिशा, बहनोई रशीद घायल हो गएा। तौफीक और महबूब को ज्यादा चोटें आईं।
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इलाज के दौरान तौफीक की मौत हो गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने नरगिस का अपराध में शामिल होना नहीं पाया जबकि हमीदन की संलिप्तता पाई गई। अदालत में सुनवाई के दौरान कुर्बान की मौत हो गई। अपर सत्र न्यायाधीश कीर्ति माला सिंह ने जावेद अहमद, सरताज, हमीदन व जाफर को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। वहीं दूसरे पक्ष के नसीम ,रईस और महबूब को तीन वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया गया है।
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