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अब गाय को देखकर कांपता है कसाई: धर्मपाल
Fri, 14 Nov 2025 12:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Fri, 14 Nov 2025 12:15 AM IST
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बाराबंकी। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार से पहले गाय कसाई को देखकर कांपती थी, लेकिन आज इसके विपरीत है गाय को देखकर कसाई कांपता है। उन्होंने गाय पालने वालों से अनुरोध किया कि वे दूध निकालने के बाद इन्हें खुला न छोड़ें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोशालाओं में पशुओं को ठंड से बचाने के सभी इंतजाम किए जाएं। पशुधन मंत्री ने बृहस्पतिवार को लोक सभागार में गोवंश संरक्षण समीक्षा के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह बात कहीं।
उन्होंने पूर्व की सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस गाय की हम पूजा करते हैं, वह पहले कसाई को देखते ही कांपने लगती थी। लेकिन वर्ष-2017 में जब से भाजपा की सरकार बनी है, गाय की पूजा होती है और योगी सरकार में इनके संरक्षण के लिए गोआश्रय स्थल बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि देशी गाय का दूध अमृत के समान है। एक लीटर गाय का दूध पूरे परिवार को स्वस्थ रखने के लिए काफी है, इसलिए कृषि और पशु एक-दूसरे के पूरक हैं। किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए पशुपालन पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, क्योंकि सरकार ने कई प्रकार की योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें अनुदान भी दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं के कारण हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। गोआश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जाए। जहां पर पशुओं की संख्या कम है और ज्यादा दर्शाई जा रही है, उसकी जांच कर फर्जीवाड़ा मिलने पर कार्रवाई की जाए। इस मौके पर सीडीओ अन्ना सुदन, प्रशिक्षु आईएएस के. तेजस व सीवीओ डॉ. अतुल अवस्थी आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने पूर्व की सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस गाय की हम पूजा करते हैं, वह पहले कसाई को देखते ही कांपने लगती थी। लेकिन वर्ष-2017 में जब से भाजपा की सरकार बनी है, गाय की पूजा होती है और योगी सरकार में इनके संरक्षण के लिए गोआश्रय स्थल बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि देशी गाय का दूध अमृत के समान है। एक लीटर गाय का दूध पूरे परिवार को स्वस्थ रखने के लिए काफी है, इसलिए कृषि और पशु एक-दूसरे के पूरक हैं। किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए पशुपालन पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, क्योंकि सरकार ने कई प्रकार की योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें अनुदान भी दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं के कारण हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। गोआश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जाए। जहां पर पशुओं की संख्या कम है और ज्यादा दर्शाई जा रही है, उसकी जांच कर फर्जीवाड़ा मिलने पर कार्रवाई की जाए। इस मौके पर सीडीओ अन्ना सुदन, प्रशिक्षु आईएएस के. तेजस व सीवीओ डॉ. अतुल अवस्थी आदि मौजूद रहे।
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