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Barabanki News: अब प्लास्टर व इलाज के लिए नहीं भटकेंगे हड्डियों के मरीज
Sat, 14 Feb 2026 01:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 14 Feb 2026 01:36 AM IST
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बाराबंकी। हड्डीरोग की समस्या से परेशान मरीजों को अब इंतजार नहीं कराना पड़ेगा। अस्पताल प्रशासन ओपीडी और प्लास्टर रूम में अलग-अलग ड्यूटी लगा रहा है। इससे पीड़ितों को बिना इंतजार के प्लास्टर और इलाज की सुविधा मिलेगी। यह व्यवस्था जल्द से जल्द लागू करने की तैयारी चल रही है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 250 से 300 मरीज हड्डी रोग से पीड़ित इलाज के लिए पहुंचते हैं। करीब 10 से 15 प्रतिशत मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें तत्काल प्लास्टर की जरूरत होती है, लेकिन ओपीडी में मरीजों की भीड़ अधिक होने की वजह से ऐसे मरीजों को इंतजार करना होता है। बेबस मरीज निजी चिकित्सकों के पास जाने को मजबूर हो जाते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अस्पताल प्रशासन नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत अब ओपीडी और प्लास्टर रूम में अलग-अलग डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाएगी। ओपीडी में यदि कोई मरीज आता है और उसे प्लास्टर की जरूरत है तो उसे तत्काल प्लास्टर रूम भेज दिया जाएगा और वहां पर मौजूद चिकित्सक उसका इलाज करेंगे। इस प्रकार ओपीडी और सड़क दुर्घटना में आने वाले मरीजों में यदि हड्डी से संबंधित कोई समस्या होती है तो तत्काल इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
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हड्डी के मरीजों की सुविधा के लिए इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। इससे अब इलाज और प्लास्टर के लिए मरीजों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ओपीडी और प्लास्टर रूम में अलग-अलग चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी।
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- डॉ. जेपी मौर्य, सीएमएस जिला अस्पताल
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बिना सीटी स्कैन लौटे मरीज
बृहस्पतिवार को खराब हुई सीटी स्कैन मशीन शुक्रवार को भी सही नहीं हो सकी, जिससे जांच कराने के लिए आए मरीजों को वापस लौटना पडा। जिला अस्पताल में लगी मशीन पुरानी होने की वजह से आए दिन खराब हो जाती है। इससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, लेकिन कार्यदाई संस्था और अस्पताल प्रशासन गंभीर नही है।
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फोटो- 15
सांस और त्वचारोग के मरीज रहे ज्यादा
जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को 1,452 मरीज देखे गए। इस दौरान सर्दी, जुकाम, बुखार के अलावा सांस और त्वचारोग के मरीज सबसे ज्यादा रहे। दवा के लिए लाइन में लगी रामदेई, सरोज, प्रशांत, मनोज ने बताया कि त्वचारोग से और सांस लेने में दिक्कत पर इलाज के लिए आए थे। आधा घंटे तक लाइन में लगने के बाद दवा मिल सकी। सीएमएस ने बताया कि मौसम में बदलाव की वजह से मरीजों की संख्या बढ़ी है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 250 से 300 मरीज हड्डी रोग से पीड़ित इलाज के लिए पहुंचते हैं। करीब 10 से 15 प्रतिशत मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें तत्काल प्लास्टर की जरूरत होती है, लेकिन ओपीडी में मरीजों की भीड़ अधिक होने की वजह से ऐसे मरीजों को इंतजार करना होता है। बेबस मरीज निजी चिकित्सकों के पास जाने को मजबूर हो जाते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अस्पताल प्रशासन नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत अब ओपीडी और प्लास्टर रूम में अलग-अलग डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाएगी। ओपीडी में यदि कोई मरीज आता है और उसे प्लास्टर की जरूरत है तो उसे तत्काल प्लास्टर रूम भेज दिया जाएगा और वहां पर मौजूद चिकित्सक उसका इलाज करेंगे। इस प्रकार ओपीडी और सड़क दुर्घटना में आने वाले मरीजों में यदि हड्डी से संबंधित कोई समस्या होती है तो तत्काल इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
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हड्डी के मरीजों की सुविधा के लिए इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। इससे अब इलाज और प्लास्टर के लिए मरीजों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ओपीडी और प्लास्टर रूम में अलग-अलग चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी।
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- डॉ. जेपी मौर्य, सीएमएस जिला अस्पताल
बिना सीटी स्कैन लौटे मरीज
बृहस्पतिवार को खराब हुई सीटी स्कैन मशीन शुक्रवार को भी सही नहीं हो सकी, जिससे जांच कराने के लिए आए मरीजों को वापस लौटना पडा। जिला अस्पताल में लगी मशीन पुरानी होने की वजह से आए दिन खराब हो जाती है। इससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, लेकिन कार्यदाई संस्था और अस्पताल प्रशासन गंभीर नही है।
फोटो- 15
सांस और त्वचारोग के मरीज रहे ज्यादा
जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को 1,452 मरीज देखे गए। इस दौरान सर्दी, जुकाम, बुखार के अलावा सांस और त्वचारोग के मरीज सबसे ज्यादा रहे। दवा के लिए लाइन में लगी रामदेई, सरोज, प्रशांत, मनोज ने बताया कि त्वचारोग से और सांस लेने में दिक्कत पर इलाज के लिए आए थे। आधा घंटे तक लाइन में लगने के बाद दवा मिल सकी। सीएमएस ने बताया कि मौसम में बदलाव की वजह से मरीजों की संख्या बढ़ी है।