{"_id":"5d5d8b958ebc3e6c55133767","slug":"no-minister-from-barabanki-barabanki-news-lko477441651","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंत्रीमंडल विस्तार में बाराबंकी के हाथ फिर लगी निराशा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंत्रीमंडल विस्तार में बाराबंकी के हाथ फिर लगी निराशा
विज्ञापन
बाराबंकी। प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा किए गए मंत्रीमंडल विस्तार में जिले की झोली एक बार फिर खाली रह गई। इस बार यहां के लोगों को उम्मीद थी कि यहां से एक मंत्री बनाया जाएगा। लेकिन शपथ ग्रहण समारोह में बाराबंकी के किसी मंत्री का नाम सामने न आने से लोगों के हत्थे निराशा ही लगी है।
वर्ष 2017 में हुए प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जिले में पहली बार भाजपा के पांच विधायक जीते व प्रदेश में सरकार बनी। इसके बाद लोगों में उम्मीद थी कि एक मंत्री यहां से बनेगा लेकिन किसी को मौका नहीं दिया गया। बुधवार को एक बार फिर से हुए योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार से भी यह उम्मीद थी कि इस बार बाराबंकी से किसी एक मंत्री का नाम सामने आ सकता है लेकिन ऐसा नहीं हो सका। जबकि पूर्व में रही सपा सरकार में जिले में एक कैबिनेट, एक स्वतंत्र प्रभार व एक राज्यमंत्री रहा है।
जबकि इसके पहले की बसपा सरकार में प्रदेश सरकार से एक राज्यमंत्री था। अब भाजपा सरकार में भी मंत्री मंडल में जिले की बेहतर भागीदारी होने की उम्मीद थी लेकिन अब पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार बनने के बाद किसी भी मंत्री का जिले से न होना हर किसी के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्ष 2017 में हुए प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जिले में पहली बार भाजपा के पांच विधायक जीते व प्रदेश में सरकार बनी। इसके बाद लोगों में उम्मीद थी कि एक मंत्री यहां से बनेगा लेकिन किसी को मौका नहीं दिया गया। बुधवार को एक बार फिर से हुए योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार से भी यह उम्मीद थी कि इस बार बाराबंकी से किसी एक मंत्री का नाम सामने आ सकता है लेकिन ऐसा नहीं हो सका। जबकि पूर्व में रही सपा सरकार में जिले में एक कैबिनेट, एक स्वतंत्र प्रभार व एक राज्यमंत्री रहा है।
विज्ञापन
जबकि इसके पहले की बसपा सरकार में प्रदेश सरकार से एक राज्यमंत्री था। अब भाजपा सरकार में भी मंत्री मंडल में जिले की बेहतर भागीदारी होने की उम्मीद थी लेकिन अब पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार बनने के बाद किसी भी मंत्री का जिले से न होना हर किसी के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
विज्ञापन