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Barabanki News: नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान फेल, कार्रवाई सिफर
Sun, 13 Apr 2025 12:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 13 Apr 2025 12:54 AM IST
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बाराबंकी। जिम्मेदारों की लापरवाही से दो पहिया वाहन चालकों को सुरक्षित बनाने के लिए लागू नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान फेल साबित हो रहा है। शासन स्तर हेलमेट न पहने वाले वाहन चालकों को फ्यूल पंपों से पेट्रोल न देने का निर्देश है। इसके बावजूद पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी के कारण पंपों पर दो पहिया वाहन चालकों को बिना खौफ के हेलमेट न पहनने पर भी पेट्रोल की बिक्री की जा रही है।
बीते दिनों हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने भी नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान का अनुपालन पूरी सख्ती से किए जाने का निर्देश दिया था। लेकिन जमीनी तौर पर इसका पालन न होने से कार्रवाई सिफर बनी है। जिले में करीब 210 पेट्रोल पंप हैं। जिन पर रोजाना एक लाख से अधिक लोग पेट्रोल भराने पहुंचते हैं। शासन के निर्देश के बाद कई पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल न मिलने का नोटिस व बैनर तो दिख जाता है लेकिन इसका अनुपालन होता नहीं दिखता है।
शनिवार को बस स्टेशन के निकट एक पेट्रोल पंप पर नोटिस तो चस्पा थी मगर सेल्समैन बिना हेलमेट पहने चालकों के वाहनों को भी बिना रोकटोक पेट्रोल देता मिला। इसी तरह नाका चौराहे के पास स्थित एक पेट्रोल पंप पर भी बिना हेलमेट के आने वाले वाहन चालकों को बिना रोकटोक पेट्रोल दिया जा रहा था।
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महज खानापूर्ति तक सिमटी कार्रवाई
शासन स्तर से जारी निर्देश के बाद यातायात व सिविल पुलिस पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल भरवाने के लिए आने वाले वाहन चालकों को सिर्फ चेतावनी देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान रही है। पेट्रोल पंप संचालक भी बिक्री के आधार पर ही कमीशन मिलने के कारण वाहन चालकों को रोकने से ज्यादा पेट्रोल देना बेहतर मान रहे हैं। इसी लिए पंप पर मौजूद स्टॉफ भी बिना हेलमेट पेट्रोल लेने आने वालों को कुछ नहीं कहते।
पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि बिना हेलमेट वाले दोपहिया वाहन चालकों को ईंधन न दें। नियमों की अवहेलना करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों को नोटिस जारी की गई है।
डॉ. राकेश तिवारी, डीएसओ
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बीते दिनों हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने भी नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान का अनुपालन पूरी सख्ती से किए जाने का निर्देश दिया था। लेकिन जमीनी तौर पर इसका पालन न होने से कार्रवाई सिफर बनी है। जिले में करीब 210 पेट्रोल पंप हैं। जिन पर रोजाना एक लाख से अधिक लोग पेट्रोल भराने पहुंचते हैं। शासन के निर्देश के बाद कई पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल न मिलने का नोटिस व बैनर तो दिख जाता है लेकिन इसका अनुपालन होता नहीं दिखता है।
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शनिवार को बस स्टेशन के निकट एक पेट्रोल पंप पर नोटिस तो चस्पा थी मगर सेल्समैन बिना हेलमेट पहने चालकों के वाहनों को भी बिना रोकटोक पेट्रोल देता मिला। इसी तरह नाका चौराहे के पास स्थित एक पेट्रोल पंप पर भी बिना हेलमेट के आने वाले वाहन चालकों को बिना रोकटोक पेट्रोल दिया जा रहा था।
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महज खानापूर्ति तक सिमटी कार्रवाई
शासन स्तर से जारी निर्देश के बाद यातायात व सिविल पुलिस पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल भरवाने के लिए आने वाले वाहन चालकों को सिर्फ चेतावनी देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान रही है। पेट्रोल पंप संचालक भी बिक्री के आधार पर ही कमीशन मिलने के कारण वाहन चालकों को रोकने से ज्यादा पेट्रोल देना बेहतर मान रहे हैं। इसी लिए पंप पर मौजूद स्टॉफ भी बिना हेलमेट पेट्रोल लेने आने वालों को कुछ नहीं कहते।
पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि बिना हेलमेट वाले दोपहिया वाहन चालकों को ईंधन न दें। नियमों की अवहेलना करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों को नोटिस जारी की गई है।
डॉ. राकेश तिवारी, डीएसओ