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बाढ़ से बचाव को 8 करोड़ की परियोजना शुरू
Amarujala Bureau
Updated Thu, 04 Jan 2018 10:53 PM IST
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लोगों को मिलेगी बाढ़ से राहत
- फोटो : अमर उजाला
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कई गांव को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए सरकार ने घाघरा के बीच में चैनल बनाकर नदी की धारा को एकतरफा करने की परियोजना शुरू की है। सिरौलीगौसपुर तहसील के सरावां गांव के पास प्रदेश सरकार के सिंचाई मंत्री धर्म पाल सिंह व बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्वाती सिंह ने परियोजना का शुभारंभ किया। करीब 8 करोड़ की लागत से नदी के बीच जमा सिल्ट की सफाई कर चैनल बनाने के लिए बनारस और कानपुर डिविजन को काम सौंपा गया है।
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हाईड्रॉलिक सर्वे कराकर एक्सपर्ट इंजीनीयरों की टीम की सलाह ली गई है। दो धाराओं में हुई बंटी घाघरा को एक धारा में तब्दील करने को लेकर मचे घमासान व दो जिलों के जिलाधिकारियों के बीच मतभेद पर इसी के साथ विराम लग गया।
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बुधवार को 8 करोड़ रुपये की लागत से 8.5 किलोमीटर लम्बा व 30 मीटर चौडा चैनल(धारा) की योजना का शुभारंभ घाघरा के तट पर सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह व बाढ़ मंत्री स्वाती सिंह ने वैदिक मंत्रों के साथ किया। दोनो मंत्रियों ने स्टीमर मे बैठकर घाघरा के बीच पहुंची दोनो मंत्री ने ड्रेजर मशीन को झंडी दिखाकर काम की शुरूआत कराई। सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहाकि एल्गिन चरसड़ी बांध का स्थाई हल निकाल लिया गया गया है।
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अब बाढ़ का दबाव तटबंधों से कम होने से बांध कटान का खतरा कम होगा। बताया कि पिछली सरकारों ने एल्गिन चरसड़ी तटबंध में करोडों खर्च किए फिर तराई के लोगों को परेशानी कम नही हुई। इसके पूरा होने से एल्गिन चरसड़ी व अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर दबाव कम होने से बांध सुरक्षित रहेंगे। मंत्री ने कहाकि यहां पर बीते वर्षो में आयी बाढ़ से भारी मात्रा में सिल्ट जमा से यहां पर टापू बन गया है। जिससे नदी दो भागों में बंटकर गांवों की तरफ मुड़ गयी है। इस चैनल की खुदाई का उददेश्य नदी की दोनों धाराओं को बीचों बीच से बहाना है।