फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Nepal released water in Saryu

तराई में तबाही मचाएगा नेपाली पानी

Wed, 29 Jul 2020 09:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2020 09:45 PM IST
विज्ञापन
Nepal released water in Saryu
बाराबंकी। नेपाल से छोड़े गए साढ़े छह लाख क्यूसेक पानी से सरयू नदी एक बार फिर से तराई में तबाही मचाने को तैयार हो रही है। बुधवार शाम को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 33 सेमी ऊपर रहा, प्रति घंटे तीन सेमी के हिसाब से पानी लगातार बढ़ रहा है। नदी के इस रुख से तराई वासियों में हड़कंप मच गया है और ग्रामीण सुरक्षित ठिकानों के लिए पलायन करने लगे हैं।
विज्ञापन

सरयू नदी कई साल बाद जिले में एक बार फिर से भयानक रूप में दिख सकती है। नेपाल के बैराजों से लगातार साढ़े छह लाख क्यूसेक पानी छोड़ने व बारिश के पानी से इसका जलस्तर लगातार बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के कंट्रोल रूम ने भी अलर्ट जारी किया है। सरयू नदी के जलस्तर में बुधवार सुबह से बढ़ोतरी हो रही है जिससे लोगों में दहशत है। अभी कुछ दिन पहले ही नदी का पानी गांवों से उतरा ही है, अब फिर नदी के बढ़ते जलस्तर से लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
विज्ञापन

उधर नदी के किनारे बसे गांव टेपरा, सनावा, कहारनपुरवा, बघौलीपुरवा, तेलवारी, इटहुआ पूर्व, भौरीकोल, नव्वनपुरवा, परसवल, बेहटा व गोबरहा आदि गांवों के लोगों को बाढ़ का अंदेशा फिर होने लगा है। लोगों का कहना है कि जिस प्रकार नदी के जलस्तर में सुबह से बढ़ोतरी हुई है, उसे देखते हुए लग रहा है कि जल्द ही फिर से पानी गांव में घुस सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र सनावा टेपरा तेलवारी का निरीक्षण तहसीलदार सिरौलीगौसपुर अखिलेश कुमार सिंह ने किया। उन्होंने लोगों को सुरक्षित व सचेत रहने को कहा। कहा कि जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सामान मुहैया कराए जाएंगे। उन्होंने कटान स्थल पर पड़ रहे मकानों को खाली करने के साथ सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा।

उधर गोबरहा गांव के समीप हो रही कटान को रोक पाना बाढ़ खंड के लिए चुनौती साबित हो रही है। लगातार ईंट की बोरी डालने के बाद भी कटान नहीं रुक रहा है। सैकड़ों ट्राली ईंट व मिट्टी डालने के बाद भी कटान पर काबू नहीं पाया जा सका है जिससे ग्रामीणों को लगता है कि अब उनका घर नदी में समा ही जाएगा। इसके अलावा इटहुआ पूर्व गांव को जाने वाला मार्ग नदी के पानी में बह गया है जिससे लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतें हो रही हैं। यहां के लोगों का कहना है की सब अधिकारी बांध से गांव तक पैदल आते हैं मगर इसको सही कराने के बारे में कोई ध्यान नही दे रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed