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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Neither the teacher nor on building facilities

भवन है पर न शिक्षक न ही सुविधाएं

Sun, 20 Dec 2015 10:43 PM IST
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 20 Dec 2015 10:43 PM IST
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नए खोले गए राजकीय इंटर कॉलेज अहमदपुर में शिक्षक हैं न ही संसाधन। जिसके चलते छात्रों को यहां पठन पाठन की अच्छी सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। छात्र-छात्राओं को बैठने की टाट पट्टी ही नसीब हो पा रही है। प्रयोगशालाओं में तो ढेरो धूल जमी है। कॉलेज की बाउंड्रीवाल नहीं होने से ग्रामीण परिसर में उपले पाथ रहे हैं।
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मल्टी सेक्टोरिलयल डेवलपमेंट प्लान के तहत अहमदपुर क्षेत्र में बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए वर्ष 2013 में राजकीय इंटर कॉलेज स्थापित किया था। पिछले करीब चार साल से यहां पर पठन पाठन का कार्य चल रहा है। इस कॉलेज में 276 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
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लेकिन इन छात्रों को कॉलेज की ओर से कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। शिक्षकों के अभाव में यहां का पठन पाठन प्रभावित रहता है। विज्ञान वर्ग के छात्रों को तो कभी प्रयोग कार्य कराए नहीं गए। उन्हें उपकरणों व साल्टों के नाम ही नहीं याद।  छात्रों के बैठने तक के लिए सुविधा नहीं है। यहां छात्र टाट पट्टी पर बैठ कर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं।
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पठन-पाठन के लिए सुविधाएं शून्य
जीआईसी अहमदपुर में 276 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं, लेकिन इन छात्रों के पठन पाठन के लिए कोई सुविधा नहीं है। इन छात्रों को पढ़ाने के लिए प्रभारी प्रधानाचार्य उमापति वर्मा व प्रवक्ता 2 कुलदीप कौर कुल दो ही शिक्षक हैं। अन्य शिक्षक पीटीए (शिक्षक अभिभावक संघ) के तहत रखे गए हैं।

परिसर में पाथे जा रहे उपले
छात्रों की सुरक्षा के लिए कॉलेजों व स्कूलों में बाउंड्रीवाल आवश्यक है, लेकिन जीआईसी अहमदपुर में बाउंड्रीवाल नहीं है। जिससे यहां आने वाले छात्रों की असुरक्षा बराबर बनी रहती है। हालत यह है कि स्थानीय ग्रामीण कॉलेज परिसर में उपले पाथ रहे है।  

लैब में उपकरण हैं न ही साल्ट
जीआईसी में विज्ञान वर्ग के छात्र हैं। इनके लिए लाखों खर्च कर भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान व बायोजॉली की प्रयोगशालाओं का निर्माण कराया गया था। लेकिन इस लैब में उपकरण हैं न हीं साल्ट। हालत यह है कि यहां के छात्र उपकरणों का नाम तक नहीं जानते। लैब में धूप की मोटी परत भी जमी है।

कॉलेज में संसाधनों का अभाव है। लेकिन छात्रों का शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं हो इसके लिए पूरा ध्यान दिया जा रहा है। कॉलेज परिसर में उपले पाथे जाने की शिकायत कई बार पुलिस से की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

- उमापति वर्मा, प्रभारी प्रधानाचार्य जीआईसी अहमदपुर

नए कॉलेजों में संसाधनों का अभाव है। इन कॉलेेजों में छात्रों को पठन पाठन की अच्छी सुविधा मिल सके इसके लिए पूरे प्रयास किए जा रहे है। कॉलेजों में सुविधा बढ़ाए जाने के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों पत्राचार किया जा रहा है। शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया आयोग में चल रही है। जल्द ही शिक्षक मिलने की उम्मीद है।
- अशोक कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
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