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48 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया मुख्तार का गुर्गा राजनाथ
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बाराबंकी। मुख्तार के गुर्गे को एआरटीओ कार्यालय जांच के लिए ले गई नगर कोतवाली पुलिस।
- फोटो : BARABANKI
बाराबंकी। एआरटीओ कार्यालय में फर्जी तरीके से रजिस्टर्ड करवाई गई माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस मामले में पुलिस ने जांच और तेज कर दी है। जेल भेजे गए एक आरोपी को पुलिस ने 48 घंटे की कस्टडी रिमांड पर लिया है। पुलिस आरोपी को लेकर एआरटीओ कार्यालय गई व उसके बाद उसे मऊ जिले में ले जाकर अन्य आरोपियों की तलाश शुरू की गई है। उम्मीद है कि जल्द ही और आरोपी पुलिस जेल भेज सकती है।
पंजाब की रोपड़ जेल में बंद रहने के दौरान मुख्तार अंसारी ने जो एंबुलेंस प्रयोग किया था उसका रजिस्ट्रेशन एआरटीओ कार्यालय बाराबंकी में निकला था। इसके बाद जब पुलिस ने जांच की तो फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन होने की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में मऊ जिले की डॉ अलका राय, मुख्तार अंसारी समेत पांच लोगों पर केस दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने मऊ के रहने वाले राजनाथ यादव को पकड़कर जेल भी भेजा था। पुलिस ने शनिवार को कोर्ट के आदेश पर राजनाथ यादव को 48 घंटे की कस्टडी रिमांड पर लिया है। मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर महेंद्र प्रताप सिंह आरोपी को जांच के लिए लेकर एआरटीओ कार्यालय पहुंचे लेकिन मामला आठ साल पुराना होने के चलते वहां पर ऐसा कोई कर्मचारी नहीं मिला जो उस समय तैनात रहा था। अब पुलिस आरोपी राजनाथ यादव को लेकर मऊ जिले के लिए रवाना हुई है। पुलिस टीम मऊ में भी इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश करने का प्रयास कर रही है। कोतवाल पंकज सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है जल्द ही अन्य आरोपी पकड़े जाएंगे।
नहीं मिल रहे बाराबंकी के करीबी
मुख्तार अंसारी के मामले में पुलिस शहर व जिले के करीब 50 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है लेकिन अभी तक कोई भी ऐसा नाम सामने नहीं आया है जिसे पुलिस इस मामले में आरोपी बना सके। जबकि एंबुलेंस रजिस्ट्रेशन मामले में यह बात सामने आ चुकी है कि बाराबंकी के कई लोग इस पूरे काम में शामिल है। मुख्तार के करीबी होने के शक में पुलिस ने अब तक एक गांव के पूर्व प्रधान समेत, प्रॉपटी डीलर व अन्य कई लोगों से पुलिस ने पूछताछ की है और इनको शक की नजर से भी देखा जा रहा है। लेकिन अभी तक पुलिस ने किसी पर केस दर्ज नहीं किया है। इससे बाराबंकी कनेक्शन तलाशने में जुटी पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है।
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पंजाब की रोपड़ जेल में बंद रहने के दौरान मुख्तार अंसारी ने जो एंबुलेंस प्रयोग किया था उसका रजिस्ट्रेशन एआरटीओ कार्यालय बाराबंकी में निकला था। इसके बाद जब पुलिस ने जांच की तो फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन होने की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में मऊ जिले की डॉ अलका राय, मुख्तार अंसारी समेत पांच लोगों पर केस दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने मऊ के रहने वाले राजनाथ यादव को पकड़कर जेल भी भेजा था। पुलिस ने शनिवार को कोर्ट के आदेश पर राजनाथ यादव को 48 घंटे की कस्टडी रिमांड पर लिया है। मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर महेंद्र प्रताप सिंह आरोपी को जांच के लिए लेकर एआरटीओ कार्यालय पहुंचे लेकिन मामला आठ साल पुराना होने के चलते वहां पर ऐसा कोई कर्मचारी नहीं मिला जो उस समय तैनात रहा था। अब पुलिस आरोपी राजनाथ यादव को लेकर मऊ जिले के लिए रवाना हुई है। पुलिस टीम मऊ में भी इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश करने का प्रयास कर रही है। कोतवाल पंकज सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है जल्द ही अन्य आरोपी पकड़े जाएंगे।
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नहीं मिल रहे बाराबंकी के करीबी
मुख्तार अंसारी के मामले में पुलिस शहर व जिले के करीब 50 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है लेकिन अभी तक कोई भी ऐसा नाम सामने नहीं आया है जिसे पुलिस इस मामले में आरोपी बना सके। जबकि एंबुलेंस रजिस्ट्रेशन मामले में यह बात सामने आ चुकी है कि बाराबंकी के कई लोग इस पूरे काम में शामिल है। मुख्तार के करीबी होने के शक में पुलिस ने अब तक एक गांव के पूर्व प्रधान समेत, प्रॉपटी डीलर व अन्य कई लोगों से पुलिस ने पूछताछ की है और इनको शक की नजर से भी देखा जा रहा है। लेकिन अभी तक पुलिस ने किसी पर केस दर्ज नहीं किया है। इससे बाराबंकी कनेक्शन तलाशने में जुटी पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है।
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