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Barabanki News: लोक अदालत में 1.74 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण
Sun, 13 Sep 2026 01:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 13 Sep 2026 01:29 AM IST
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बाराबंकी। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर रविवार को न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता प्रशासनिक न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने की। लोक अदालत का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया गया। शुभारंभ के अवसर पर जनपद न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव, डीएम ईशान प्रताप सिंह, एसपी अर्पित विजयवर्गीय और अन्य न्यायिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस मौके पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति और बाराबंकी के प्रशासनिक जज सुभाष विद्यार्थी ने कहा कि जजों की जज बार होती है। समाज को न्यायपालिका पर बड़ा भरोसा है। इस भरोसे को बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों से कहा कि हर निर्णय की सार्वजनिक समीक्षा होती है। उन्होंने पारिवारिक न्यायालय द्वारा सुलह-समझौते से पति-पत्नी के सुधरे संबंधों की प्रशंसा की। कई दंपतियों को माला पहनाकर और मिष्ठान के साथ विदा भी किया गया।
सचिव उज्ज्वल उपाध्याय ने बताया कि शनिवार को आयोजित लोकअदालत में कुल 1,74,175 मामलों का निस्तारण हुआ। इनसे कुल 27,76,66,488 की धनराशि अर्थदंड और प्रतिकर के रूप में सरकारी खजाने में जमा हुई। इस दौरान सिविल कोर्ट बाराबंकी ने 33796 वादों का निस्तारण किया। इनसे 8,13,58,890 रुपये अर्थदंड और प्रतिकर के रूप में वसूल किए गए। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 129 मुकदमों में 6,59,82,242 रुपये प्रतिकर प्रदान किया। पारिवारिक न्यायालयों ने 273 मामलों का निस्तारण किया। प्री-लिटिगेशन स्तर पर 1,40,379 मामलों का निस्तारण हुआ। इनसे 1,96,30,7,598 रुपये की धनराशि वसूल की गई। जिले के राजस्व न्यायालयों ने 77057 वादों का निस्तारण किया। विभिन्न बैंकों ने 2198 एनपीए खातों का निस्तारण कर 14,16,40,462 रुपये वसूल किए। बैंक आफ इण्डिया ने सर्वाधिक 924 मामलों का निस्तारण किया।
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बुजुर्ग दंपती हुए एक साथ, पहनाई माला
फोटो- 19
बाराबंकी। लोक अदालत में शनिवार को 80 वर्षीय मेवालाल और उनकी 75 वर्षीय पत्नी फूलमती के बीच हुआ समझौता चर्चा का विषय रहा। करीब एक साल से दोनों के बीच बातचीत तक बंद थी। मसौली के भुहेरा कला गांव निवासी मेवालाल ने कुछ जमीन बहू के नाम लिखी तो पत्नी फूलमती उनसे नाराज हो गईं थी। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि फूलमती ने पति के खिलाफ मुकदमा दायर कर गुजारा भत्ता मांगा था। मामला लोक अदालत पहुंचा तो दोनों पक्षों को समझाया गया। आखिरकार पति-पत्नी एक दूसरे को फूल माला पहनाकर पुराने मतभेद किनार कर साथ रहने की राजी हो गए। उम्र के इस पड़ाव पर टूटे रिश्ते के फिर जुड़ने का यह दृश्य काफी सुखद रहा। (संवाद)
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इस मौके पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति और बाराबंकी के प्रशासनिक जज सुभाष विद्यार्थी ने कहा कि जजों की जज बार होती है। समाज को न्यायपालिका पर बड़ा भरोसा है। इस भरोसे को बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों से कहा कि हर निर्णय की सार्वजनिक समीक्षा होती है। उन्होंने पारिवारिक न्यायालय द्वारा सुलह-समझौते से पति-पत्नी के सुधरे संबंधों की प्रशंसा की। कई दंपतियों को माला पहनाकर और मिष्ठान के साथ विदा भी किया गया।
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सचिव उज्ज्वल उपाध्याय ने बताया कि शनिवार को आयोजित लोकअदालत में कुल 1,74,175 मामलों का निस्तारण हुआ। इनसे कुल 27,76,66,488 की धनराशि अर्थदंड और प्रतिकर के रूप में सरकारी खजाने में जमा हुई। इस दौरान सिविल कोर्ट बाराबंकी ने 33796 वादों का निस्तारण किया। इनसे 8,13,58,890 रुपये अर्थदंड और प्रतिकर के रूप में वसूल किए गए। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 129 मुकदमों में 6,59,82,242 रुपये प्रतिकर प्रदान किया। पारिवारिक न्यायालयों ने 273 मामलों का निस्तारण किया। प्री-लिटिगेशन स्तर पर 1,40,379 मामलों का निस्तारण हुआ। इनसे 1,96,30,7,598 रुपये की धनराशि वसूल की गई। जिले के राजस्व न्यायालयों ने 77057 वादों का निस्तारण किया। विभिन्न बैंकों ने 2198 एनपीए खातों का निस्तारण कर 14,16,40,462 रुपये वसूल किए। बैंक आफ इण्डिया ने सर्वाधिक 924 मामलों का निस्तारण किया।
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बाराबंकी। लोक अदालत में शनिवार को 80 वर्षीय मेवालाल और उनकी 75 वर्षीय पत्नी फूलमती के बीच हुआ समझौता चर्चा का विषय रहा। करीब एक साल से दोनों के बीच बातचीत तक बंद थी। मसौली के भुहेरा कला गांव निवासी मेवालाल ने कुछ जमीन बहू के नाम लिखी तो पत्नी फूलमती उनसे नाराज हो गईं थी। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि फूलमती ने पति के खिलाफ मुकदमा दायर कर गुजारा भत्ता मांगा था। मामला लोक अदालत पहुंचा तो दोनों पक्षों को समझाया गया। आखिरकार पति-पत्नी एक दूसरे को फूल माला पहनाकर पुराने मतभेद किनार कर साथ रहने की राजी हो गए। उम्र के इस पड़ाव पर टूटे रिश्ते के फिर जुड़ने का यह दृश्य काफी सुखद रहा। (संवाद)