{"_id":"57449a064f1c1ba22c690c82","slug":"minor-cut","type":"story","status":"publish","title_hn":"सफाई न होने से कटी माइनर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सफाई न होने से कटी माइनर
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Tue, 24 May 2016 11:44 PM IST
विज्ञापन
बाराबंकी में मंगलवार को सद्दीपुर क्षेत्र में कटी अनिखा माइनर को बांधते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो किलोमीटर माइनर की सफाई का कार्य मानक के अनुरूप न किए जाने व विभागीय अनुरक्षण के कारण अनखा माइनर मंगलवार की सुबह कट गई। माइनर कटने की सूचना पर आसपास खेत वाले पहुंच गए और माइनर पाटकर अपनी फसल बर्बाद होने से बचा ली। चार माह के अंदर इसी स्थान पर चौथी बार यह माइनर कट चुकी है।
जहांगीराबाद क्षेत्र की अनखा माइनर मंगलवार की भोर मुरादाबाद गंाव के पास तालाब के निकट कट गई। माइनर कटने की सूचना मिलते ही आसपास के खेत वाले देशराज, रामकैलाश, अब्दुल खालिद, अशरफ अली, मुबारक अली, होली, राजेंद्र आदि मौके पर पहुंचकर कटान को पाट दिया।
किसानों का कहना है कि दो किलोमीटर माइनर की सफाई के लिए 28 हजार रुपये आवंटित हुए थे। ठेकेदार सतगुर द्वारा माइनर की जहां-तहां सफाई कराकर पूरा पैसा हजम कर लिया गया। माइनर की सफाई मानक के अनुरूप न होने से कट गई।
विज्ञापन
जिस पर वहीं पर चार माह में चौथी बार यह माइनर कटी है। सिंचाई विभाग में शिकायत कर पटरी दुरुस्त कराने की मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। ठेकेदार द्वारा सफाई के दौरान निकली सिल्ट से पटरी की पटाई न कराके सिल्ट बेच दिया जिससे यह समस्या खड़ी हो गई।
समय रहते किसान अगर श्रमदान कर माइनर की पटाई न करते तो मेंथा की कई बीघे फसल चौपट हो जाती। वहीं सींचपाल गया प्रसाद का कहना है कि माइनर की अभी सफाई हुई है तो कटने का कोई औचित्य नहीं बनता। सफाई कराने में अगर लापरवाई बरती गई है तो इस बारे में अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
विज्ञापन
जहांगीराबाद क्षेत्र की अनखा माइनर मंगलवार की भोर मुरादाबाद गंाव के पास तालाब के निकट कट गई। माइनर कटने की सूचना मिलते ही आसपास के खेत वाले देशराज, रामकैलाश, अब्दुल खालिद, अशरफ अली, मुबारक अली, होली, राजेंद्र आदि मौके पर पहुंचकर कटान को पाट दिया।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि दो किलोमीटर माइनर की सफाई के लिए 28 हजार रुपये आवंटित हुए थे। ठेकेदार सतगुर द्वारा माइनर की जहां-तहां सफाई कराकर पूरा पैसा हजम कर लिया गया। माइनर की सफाई मानक के अनुरूप न होने से कट गई।
विज्ञापन
जिस पर वहीं पर चार माह में चौथी बार यह माइनर कटी है। सिंचाई विभाग में शिकायत कर पटरी दुरुस्त कराने की मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। ठेकेदार द्वारा सफाई के दौरान निकली सिल्ट से पटरी की पटाई न कराके सिल्ट बेच दिया जिससे यह समस्या खड़ी हो गई।
समय रहते किसान अगर श्रमदान कर माइनर की पटाई न करते तो मेंथा की कई बीघे फसल चौपट हो जाती। वहीं सींचपाल गया प्रसाद का कहना है कि माइनर की अभी सफाई हुई है तो कटने का कोई औचित्य नहीं बनता। सफाई कराने में अगर लापरवाई बरती गई है तो इस बारे में अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।