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पांच माह भत्ता मिला ना खाद्यान्न, नौनिहालों को अब निवाले की उम्मीद
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बाराबंकी। कोरोना काल में एमडीएम का भत्ता व खाद्यान्न का पांच माह से लाभ ना पाने वाले नौनिहालों में अब स्कूल खुलने पर निवाले की आस जगी है। हालांकि शासन से मिली राशि अभी विद्यालयों के खातों में भेजने का काम किया जा रहा है।
जिले के करीब तीन हजार विद्यालयों के पौने चार लाख नौनिहालों को मध्याह्न भोजन का लाभ दिया जा रहा है। इसमें 2197 प्राथमिक विद्यालयों के ढाई लाख व 914 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सवा लाख नौनिहाल हैं। कोरोना काल में विद्यालय बंद होने पर सरकार ने इन बच्चों को एमडीएम का लाभ देने के लिए भत्ता व खाद्यान्न देने की व्यवस्था की। इसके तहत पहले चरण में अप्रैल से जून तक 76 कार्य दिवस के भत्ते के रूप में प्राथमिक स्तर के बच्चों के अभिभावकों के खातों में 374 रुपये व 7.60 किलो खाद्यान्न तथा उच्च प्राथमिक स्तर के बच्चों के अभिभावकों के खाते में 561 रुपये व 11.40 किलो खाद्यान्न दिया गया।
इसके बाद दूसरे चरण में जुलाई व अगस्त माह के 49 दिवस के एमडीएम के भत्ते व खाद्यान्न के रूप में प्राथमिक स्तर प्रति बच्चे के हिसाब से 243.50 रुपये व 4.9 किला खाद्यान्न तथा उच्च प्राथमिक स्तर पर 365 रुपये व 7.350 किलो खाद्यान्न का वितरण तो किया गया। मगर, सितम्बर से जनवरी तक के पांच माह का न भत्ता मिला ना खाद्यान्न। ऐसे में अब 10 फरवरी से खुल रहे विद्यालयों में एमडीएम बनाने की राशि विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में भेजी जा रही है। जबकि इन अवधि का भत्ता व खाद्यान्न मिलेगा या नहीं। इस गोलमाल को लेकर जिम्मेदारों में खामोशी दिखी।
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बुधवार से खुल रहे विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति के अनुरूप एमडीएम बनवाने की तैयारी की गई है। इसको लेकर विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में राशि भेजी जा रही है। जिस अवधि का भत्ता व खाद्यान्न नहीं दिया गया है। उसका भी हिसाब किया जाएगा।
-राजेश कुमार सिंह, डीआईओएस
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जिले के करीब तीन हजार विद्यालयों के पौने चार लाख नौनिहालों को मध्याह्न भोजन का लाभ दिया जा रहा है। इसमें 2197 प्राथमिक विद्यालयों के ढाई लाख व 914 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सवा लाख नौनिहाल हैं। कोरोना काल में विद्यालय बंद होने पर सरकार ने इन बच्चों को एमडीएम का लाभ देने के लिए भत्ता व खाद्यान्न देने की व्यवस्था की। इसके तहत पहले चरण में अप्रैल से जून तक 76 कार्य दिवस के भत्ते के रूप में प्राथमिक स्तर के बच्चों के अभिभावकों के खातों में 374 रुपये व 7.60 किलो खाद्यान्न तथा उच्च प्राथमिक स्तर के बच्चों के अभिभावकों के खाते में 561 रुपये व 11.40 किलो खाद्यान्न दिया गया।
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इसके बाद दूसरे चरण में जुलाई व अगस्त माह के 49 दिवस के एमडीएम के भत्ते व खाद्यान्न के रूप में प्राथमिक स्तर प्रति बच्चे के हिसाब से 243.50 रुपये व 4.9 किला खाद्यान्न तथा उच्च प्राथमिक स्तर पर 365 रुपये व 7.350 किलो खाद्यान्न का वितरण तो किया गया। मगर, सितम्बर से जनवरी तक के पांच माह का न भत्ता मिला ना खाद्यान्न। ऐसे में अब 10 फरवरी से खुल रहे विद्यालयों में एमडीएम बनाने की राशि विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में भेजी जा रही है। जबकि इन अवधि का भत्ता व खाद्यान्न मिलेगा या नहीं। इस गोलमाल को लेकर जिम्मेदारों में खामोशी दिखी।
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बुधवार से खुल रहे विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति के अनुरूप एमडीएम बनवाने की तैयारी की गई है। इसको लेकर विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में राशि भेजी जा रही है। जिस अवधि का भत्ता व खाद्यान्न नहीं दिया गया है। उसका भी हिसाब किया जाएगा।
-राजेश कुमार सिंह, डीआईओएस