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मेडिकल स्टोर रहे बंद
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2015 11:36 PM IST
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अपनी मांगों के संबंध में व्यापारियों ने एक ज्ञापन प्रदेश के ग्राम्य विकास राज्य मंत्री को सौंपा। मेडिकल स्टोर बंद होने के चलते दवा खरीदने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दवा के कारोबारियों की मांग है कि प्रदेश सरकार ने लाइसेंस के ऑनलाइन रिनीवल और फार्मासिस्ट की उपलब्धता को अनिवार्य कर दिया है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष संतोष जायसवाल ने कहा कि इससे मेडिकल स्टोर संचालकों को खासी दिक्कत हो रही हैं। मेडिकल स्टोर के बराबर फार्मासिस्ट नहीं हैं।
इसके चलते लाइसेंसों के नवीनीकरण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसलिए इस व्यवस्था को समाप्त किया जाए। इसी की मांग को लेकर व्यापारियों ने शनिवार को मेडिकल स्टोर बंद कर विरोध जताया।
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एसोसिएशन के महासचिव विजय कुमार वर्मा ने बताया कि जिले भर में पदाधिकारियों ने भ्रमण कर मेडिकल स्टोर बंद कराए। जिले में पूरी तरह से बंदी रही। शहर में भी इस बंदी का व्यापक असर दिखाई दिया।
इसके बाद पदाधिकारी ग्राम्य विकास राज्य मंत्री अरविंद सिंह गोप के आवास पर पहुंचे और उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए इस प्रक्रिया को समाप्त कराने की मांग की है।
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दवा के कारोबारियों की मांग है कि प्रदेश सरकार ने लाइसेंस के ऑनलाइन रिनीवल और फार्मासिस्ट की उपलब्धता को अनिवार्य कर दिया है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष संतोष जायसवाल ने कहा कि इससे मेडिकल स्टोर संचालकों को खासी दिक्कत हो रही हैं। मेडिकल स्टोर के बराबर फार्मासिस्ट नहीं हैं।
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इसके चलते लाइसेंसों के नवीनीकरण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसलिए इस व्यवस्था को समाप्त किया जाए। इसी की मांग को लेकर व्यापारियों ने शनिवार को मेडिकल स्टोर बंद कर विरोध जताया।
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एसोसिएशन के महासचिव विजय कुमार वर्मा ने बताया कि जिले भर में पदाधिकारियों ने भ्रमण कर मेडिकल स्टोर बंद कराए। जिले में पूरी तरह से बंदी रही। शहर में भी इस बंदी का व्यापक असर दिखाई दिया।
इसके बाद पदाधिकारी ग्राम्य विकास राज्य मंत्री अरविंद सिंह गोप के आवास पर पहुंचे और उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए इस प्रक्रिया को समाप्त कराने की मांग की है।