शंकर हो संकट के नाशन, मंगल कारन विघ्न विनाशन...
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सावन के आखिरी सोमवार पर सुबह से ही हर-हर महादेव के स्वर गूंज उठे। मंत्र व शिव चालीसा की गूंज व जयकारों से महादेवा शिवमय हो गया। शिवालयों मेें भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर की आरती के बाद तमाम शिवालयों के कपाट खुले तो भक्तों ने जलाभिषेक कर आशीष मांगा। प्राचीन शिवालयों में जहां भोर से ही भक्तों की कतारें लग गईं तो अन्य मंदिरों के परिसर खचाखच भरे रहे। शिवभक्तों ने मंदिरों व घरों में रुद्राभिषेक किया। किसी ने दूध, दही, गंगाजल से अभिषेक किया तो किसी ने फूल, बिल्वपत्र और धतूरा से भोले का शृंगार किया।
महादेवा में एक माह से चल रहे सावन मेले का आज आखिरी सोमवार होने के कारण रविवार रात से ही भोले के भक्तों का जमावड़ा शुरू हो गया था। रात्रि को मंदिर के कपाट खुलते ही कतारबद्ध होकर श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। मेला परिसर में कीचड़ व गंदगी फैली रही, इससे भक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अंतिम सोमवार को लाखों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। भारी भीड़ के चलते प्रशासन ने भी अपनी तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी।
चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात थे जो कि, श्रद्धालुओं को व्यवस्थित ढंग से दर्शन कराने के लिए सहयोग करते रहे। मंदिर प्रांगण में लगाए गए स्वास्थ्य कैंप में 10:38 बजे तक कोई भी स्वास्थ्य कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद नहीं था, केवल मेडिकल कैंप का सामान बंधा रखा था। मेले में यात्रियों के ठहरने के लिए उचित व्यवस्था नहीं थी, इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सिरौलीगौसपुर प्रतिनिधि के अनुसार कुंतेश्वर महादेव मंदिर व मरकामऊ तथा जंगलेश्वर महादेव मंदिर एवं खजुरिहा का ओंकारेश्वर महादेव मंदिर सहित बदोसराय, बरदरी, कटका, रमसहाय, मैलारायगंज, खजुरी स्थित शिवमंदिरों में भक्तों की भीड़ जुटी रही। हैदरगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार शिवनाम स्थित सोनेश्वर महादेव, अंसारी स्थित किल्लेश्वर महादेव व कस्बा स्थित रामेश्वरम शिवाला में दिनभर भक्तों की भीड़ लगी रही। गोमती तट स्थित औसानेश्वर महादेव मंदिर में भी भक्तों की भीड़ रही। सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में भी शिवभक्तों की भीड़ रही।