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माननीयों को नहीं भा रही परिवहन निगम की यात्रा

Thu, 01 Dec 2016 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी Updated Thu, 01 Dec 2016 11:31 PM IST
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Legislators are not affected transport services
उत्तर प्रदेश परिवहन - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
लग्जरी कार की सवारी के आगे माननीयों को परिवहन निगम की निशुल्क सेवा नहीं भा रही है। विभाग के आंकड़े बताते हैं कि बीते पांच साल में एक भी सांसद व विधायक ने यात्रा नहीं की है। वहीं मान्यता प्राप्त पत्रकार, दिव्यांग, लोकतंत्र सेनानी, राज्य सरकार द्वारा पुरस्कृत अध्यापकों द्वारा की गई यात्रा का भुगतान विभाग द्वारा बस मालिकों को नहीं दिया जा रहा है।
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परिवहन निगम की बसों से पूर्व व वर्तमान सांसद व वर्तमान विधायकों द्वारा यात्रा करना अपनी तौहीन समझा जाता है। परिवहन विभाग के आंकड़े साफ बताते हैं कि पांच सालों मे एक भी माननीय ने बस की यात्रा नहीं की है।
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दूसरी ओर दिव्यांग, मान्यता प्राप्त पत्रकार, राष्ट्रपति द्वारा पुस्कृत अध्यापक, लोकतंत्र सेनानी व दिव्यांग इस सेवा का लाभ उठाते हैं तो उनकी यात्रा का शुल्क शासन द्वारा विभाग को नहीं मिल पा रहा है। जिससे बस मालिकों को खासा नुकसान हो रहा है। बीते पांच साल का आंकड़ा लें तो सबसे ज्यादा दिव्यांगों ने यात्रा की है।
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पांच साल में सभी प्रकार के 370591 यात्रियों का करीब 93 लाख रुपये का भुगतान शासन द्वारा बाराबंकी डिपो को आवंटित नहीं किया गया है। जिले में संचालित हो रही 123 बस मालिकों को यह रकम मिलनी है। त्रिलोकपुर क्षेत्र के बादीपुरवा निवासी बस मालिक सुशील वर्मा बताते हैं कि डिपो में फाइनेंस कर बसों का संचालन कराया जा रहा है। जो पैसा बाकी है अगर उसका भुगतान हो जाए तो काफी राहत मिलेगी।

नेवादा कटरा के बस मालिक बब्लू मिश्रा का कहना है कि बस संचालन में काफी खर्च आता है। जिनका पास बना हुआ है उनकी यात्रा करने से बस मालिक को नकद रुपये नहीं मिलते हैं और यात्री हमारे खाते में जोड़ दिए जाते हैं। कई बार एआरएम ने पास पर यात्रा करने वालों का भुगतान शासन से कराए जाने को प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। 


इनकी यात्रा का बाकी है भुगतान
यात्री की श्रेणी          संख्या             किराया
लोकतंत्र सेनानी         7731           225107
दिव्यांग                 357981        8948515
मां. पत्रकार             4508           113747
अध्यापक               471             13647

निशुल्क यात्रा करने वाले यात्रियों का डाटा प्रत्येक वर्ष शासन को भेजा जाता है। पांच साल में यात्रियों का करीब 93 लाख रुपये किराया हो चुका है। इन पांच सालों में एक भी सांसद व विधायक ने यात्रा नहीं की है। -आरके वर्मा, एआरएम
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