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Barabanki News: सरयू की कटान से सहमे कोठीडीहा व सिरौलीगुंग के लोग
Wed, 07 Oct 2026 02:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 07 Oct 2026 02:06 AM IST
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कोटवाधाम। सरयू का जलस्तर घटने के बावजूद घुटरू, कोठीडीहा और सिरौलीगुंग में कटान तेज हो गया है। नदी खेतों को काटते हुए आबादी के करीब पहुंच गई है। तीनों गांवों में अब तक 55 बीघे से अधिक उपजाऊ जमीन नदी में समा चुकी है। इससे ग्रामीण गांवों के अस्तित्व को लेकर दहशत में हैं।
सिरौलीगुंग निवासी हितेंद्र पाल ने बताया कि पहले नदी की धारा गांवों से करीब एक किलोमीटर दूर थी। नदी के बीच रेत और मिट्टी की बड़ी चट्टान बनने से धारा का रुख आबादी की ओर हो गया है। किसानों के अनुसार कोठीडीहा में 30 बीघे से अधिक, सिरौलीगुंग में करीब 15 बीघे और घुटरू में 10 बीघे से अधिक जमीन कट चुकी है। तेज धार के कारण मिट्टी की करारें भरभराकर नदी में समा रही हैं। शौर्य प्रताप सिंह, हितेंद्र पाल, गोविंद सिंह, अनूप सिंह, कृपाल और राजपाल समेत कई किसानों के खेत लगातार कट रहे हैं। फसल लगी जमीन नदी में जाने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
कटान रोकने के लिए ग्रामीणों ने अधिकारियों और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है। नदी का रुख आबादी से दूर करने की कामना को लेकर पूजा-अर्चना भी की जा रही है।
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खबर प्रकाशित होने के बाद पहुंचे नायब तहसीलदार
अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से ग्रामीण नाराज थे। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद मंगलवार को नायब तहसीलदार दिनेश कुमार पांडेय कोठीडीहा पहुंचे और कटान स्थल का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ खंड के अधिकारियों से वार्ता कर बचाव कार्य पर चर्चा की। एसडीएम सिरौलीगौसपुर अनिल कुमार सरोज ने बताया कि बाढ़ खंड कर्मचारियों से वार्ता हुई है। जल्द कटान रोकने के लिए प्रोजेक्ट तैयार कराया जाएगा।
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सिरौलीगुंग निवासी हितेंद्र पाल ने बताया कि पहले नदी की धारा गांवों से करीब एक किलोमीटर दूर थी। नदी के बीच रेत और मिट्टी की बड़ी चट्टान बनने से धारा का रुख आबादी की ओर हो गया है। किसानों के अनुसार कोठीडीहा में 30 बीघे से अधिक, सिरौलीगुंग में करीब 15 बीघे और घुटरू में 10 बीघे से अधिक जमीन कट चुकी है। तेज धार के कारण मिट्टी की करारें भरभराकर नदी में समा रही हैं। शौर्य प्रताप सिंह, हितेंद्र पाल, गोविंद सिंह, अनूप सिंह, कृपाल और राजपाल समेत कई किसानों के खेत लगातार कट रहे हैं। फसल लगी जमीन नदी में जाने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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कटान रोकने के लिए ग्रामीणों ने अधिकारियों और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है। नदी का रुख आबादी से दूर करने की कामना को लेकर पूजा-अर्चना भी की जा रही है।
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खबर प्रकाशित होने के बाद पहुंचे नायब तहसीलदार
अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से ग्रामीण नाराज थे। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद मंगलवार को नायब तहसीलदार दिनेश कुमार पांडेय कोठीडीहा पहुंचे और कटान स्थल का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ खंड के अधिकारियों से वार्ता कर बचाव कार्य पर चर्चा की। एसडीएम सिरौलीगौसपुर अनिल कुमार सरोज ने बताया कि बाढ़ खंड कर्मचारियों से वार्ता हुई है। जल्द कटान रोकने के लिए प्रोजेक्ट तैयार कराया जाएगा।