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Barabanki News: सुरक्षित होगी जेल की खेती, बनेंगे नए आवास
Sun, 26 Nov 2023 01:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 26 Nov 2023 01:19 AM IST
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बाराबंकी। जिला जेल में नई बैरकों से पहले दो और निर्माण को मंजूरी देते हुए डेढ़ करोड़ की रकम मिली है। इसमें आठ आवासों का ब्लॉक बनेगा तो जेल के खेतों की सुरक्षा को लेकर चहारदीवारी बनाई जाएगी। कार्यदायी संस्था भी तय कर दी गई है। दिसंबर में निर्माण शुरु कर दिया जाएगा। जेल में मौजूदा समय में करीब 1600 बंदी निरुद्ध हैं।
जर्जर आवासों में रहने वाले जेल कर्मियों के लिए आठ आवासों का ब्लॉक बनाया जाएगा। सभी आवास श्रेणी-दो वाले होंगेे। इस काम को शुरु करने के लिए फिलहाल एक करोड़ 38 लाख रुपये दे दिए गए है। निर्माण का जिम्मा उप्र. प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन को दिया गया है। इन आवासों के लिए जमीन पहले से चिह्नित है। वहीं, जिला जेल में करीब 13 एकड़ जमीन पर खेती होती है। यहां सब्जियों का उत्पादन तो होता ही है और अब स्ट्राबेरी की खेती हो रही है।
जेल की सब्जियों की अलग पहचान रही है, लेकिन इसकी सुरक्षा इसलिए मुश्किल है, क्योंकि दशकों पूर्व में बनी चहारदीवारी कई जगह गिर चुकी है। इससे छुट्टा मवेशी अंदर आ जाते थे। इसी को लेकर चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा। दोनों कार्यों के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए हैं।
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जेलर आलाेक शुक्ला ने बताया कि आवासों व चहारदीवारी के निर्माण को लेकर कई बार पत्र लिखे गए थे। अब मंजूरी मिल गई है। जेल में निरुद्ध बंदियों को लेकर सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। परिसर के अंदर हैंडपंप भी लगाए जाएंगे, जिसका पैसा मिल चुका है।
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जर्जर आवासों में रहने वाले जेल कर्मियों के लिए आठ आवासों का ब्लॉक बनाया जाएगा। सभी आवास श्रेणी-दो वाले होंगेे। इस काम को शुरु करने के लिए फिलहाल एक करोड़ 38 लाख रुपये दे दिए गए है। निर्माण का जिम्मा उप्र. प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन को दिया गया है। इन आवासों के लिए जमीन पहले से चिह्नित है। वहीं, जिला जेल में करीब 13 एकड़ जमीन पर खेती होती है। यहां सब्जियों का उत्पादन तो होता ही है और अब स्ट्राबेरी की खेती हो रही है।
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जेल की सब्जियों की अलग पहचान रही है, लेकिन इसकी सुरक्षा इसलिए मुश्किल है, क्योंकि दशकों पूर्व में बनी चहारदीवारी कई जगह गिर चुकी है। इससे छुट्टा मवेशी अंदर आ जाते थे। इसी को लेकर चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा। दोनों कार्यों के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए हैं।
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जेलर आलाेक शुक्ला ने बताया कि आवासों व चहारदीवारी के निर्माण को लेकर कई बार पत्र लिखे गए थे। अब मंजूरी मिल गई है। जेल में निरुद्ध बंदियों को लेकर सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। परिसर के अंदर हैंडपंप भी लगाए जाएंगे, जिसका पैसा मिल चुका है।