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शासन की तीन सदस्यीय टीम करेंगी जांच
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बाराबंकी। रामसनेहीघाट तहसील परिसर में अवैध निर्माण को ढहाए जाने के मामले की जांच शासन की तीन सदस्यीय टीम करेगी। इसको लेकर मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ बोर्ड के विशेष सचिव की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की है। जिसकी जानकारी शासन के पत्र के साथ जिलाधिकारी ने ट्वीट कर दी है।
गौरतलब है कि रामसनेहीघाट तहसील परिसर में अवैध निर्माण को प्रशासन ने जांच के बाद अवैध पाते हुए ढहवा दिया। मगर, इसको लेकर सियासत तेज हो गई। विभिन्न विपक्षी राजनीतिक दलों ने इसको लेकर आवाज बुलंद की। शासन व प्रशासन को अवगत कराया।
ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को रामसनेहीघाट तहसील परिसर प्रकरण में सरकारी संपत्ति पर बने अवैध निर्माण व उसके वक्फ बोर्ड के नाम कराने के मामले की गहनता से पड़ताल के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया। अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ बोर्ड के विशेष सचिव शिवाकांत द्विवेदी की अध्यक्षता वाली टीम ने अल्पसंख्यक विभाग लखनऊ मंडल के उप निदेशक राहुल गुप्ता व अयोध्या मंडल के उप निदेशक को शामिल किया गया है। जो गहनता से पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट शासन को देगी। (संवाद)
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गौरतलब है कि रामसनेहीघाट तहसील परिसर में अवैध निर्माण को प्रशासन ने जांच के बाद अवैध पाते हुए ढहवा दिया। मगर, इसको लेकर सियासत तेज हो गई। विभिन्न विपक्षी राजनीतिक दलों ने इसको लेकर आवाज बुलंद की। शासन व प्रशासन को अवगत कराया।
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ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को रामसनेहीघाट तहसील परिसर प्रकरण में सरकारी संपत्ति पर बने अवैध निर्माण व उसके वक्फ बोर्ड के नाम कराने के मामले की गहनता से पड़ताल के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया। अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ बोर्ड के विशेष सचिव शिवाकांत द्विवेदी की अध्यक्षता वाली टीम ने अल्पसंख्यक विभाग लखनऊ मंडल के उप निदेशक राहुल गुप्ता व अयोध्या मंडल के उप निदेशक को शामिल किया गया है। जो गहनता से पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट शासन को देगी। (संवाद)
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