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Barabanki News: 29 लाख से लगे आरओ कूलर की जांच शुरू
Mon, 07 Sep 2026 01:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 07 Sep 2026 01:54 AM IST
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सिद्धौर। नगर पंचायत सिद्धौर के 11 वार्डों में 29 लाख रुपये की लागत से लगाए गए आरओ वाटर कूलर दो माह बाद भी चालू नहीं हुए। अमर उजाला में 30 अगस्त को खबर प्रकाशित होने के बाद नगर पंचायत प्रशासन हरकत में आया है। अधिशासी अधिकारी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।
गर्मी में लोगों को ठंडा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डोमन गडहा, उत्तरी अंसारी, शेखनटोला, निमतियापुर, पूरे लबौवा, सिद्धेश्वर, पूरे मक्का, दक्षिणी अंसारी, फूलमती, अमहट व हटिया वार्ड में आरओ वाटर कूलर लगाए गए थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर कूलर अभी तक चालू नहीं हुए हैं।
दक्षिणी अंसारी वार्ड में सतीश के घर के पास लगे कूलर के लिए बोरिंग तक नहीं कराई गई। इसे नगर पंचायत की सप्लाई पाइपलाइन से जोड़ दिया गया है। लोगों का आरोप है कि अन्य कई स्थानों पर भी बोरिंग का काम नहीं हुआ, जबकि एस्टीमेट में बोरिंग शामिल होने की बात कही जा रही थी।
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जांच के आदेश के बाद कूलर लगाने वाले जिम्मेदारों में खलबली मची हुई है। अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि जांच में कूलरों की गुणवत्ता परखी जाएगी। उनकी कीमत की भी जांच होगी। बोरिंग और पाइपलाइन कनेक्शन की स्थिति भी जांची जाएगी। अब तक बंद पड़े कूलरों के कारणों का पता लगाया जाएगा।
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गर्मी में लोगों को ठंडा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डोमन गडहा, उत्तरी अंसारी, शेखनटोला, निमतियापुर, पूरे लबौवा, सिद्धेश्वर, पूरे मक्का, दक्षिणी अंसारी, फूलमती, अमहट व हटिया वार्ड में आरओ वाटर कूलर लगाए गए थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर कूलर अभी तक चालू नहीं हुए हैं।
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दक्षिणी अंसारी वार्ड में सतीश के घर के पास लगे कूलर के लिए बोरिंग तक नहीं कराई गई। इसे नगर पंचायत की सप्लाई पाइपलाइन से जोड़ दिया गया है। लोगों का आरोप है कि अन्य कई स्थानों पर भी बोरिंग का काम नहीं हुआ, जबकि एस्टीमेट में बोरिंग शामिल होने की बात कही जा रही थी।
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जांच के आदेश के बाद कूलर लगाने वाले जिम्मेदारों में खलबली मची हुई है। अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि जांच में कूलरों की गुणवत्ता परखी जाएगी। उनकी कीमत की भी जांच होगी। बोरिंग और पाइपलाइन कनेक्शन की स्थिति भी जांची जाएगी। अब तक बंद पड़े कूलरों के कारणों का पता लगाया जाएगा।