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Barabanki News: व्यापारियों से किया संवाद, सुझावों पर हुई चर्चा
Sun, 07 Jun 2026 01:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 07 Jun 2026 01:13 AM IST
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बाराबंकी। व्यापारियों और करदाताओं की जीएसटी संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए शनिवार को हैदरगढ़ रोड स्थित एक लॉन में राज्य कर विभाग की ओर से व्यापारी संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में व्यापारियों ने खुलकर अपनी समस्याएं और सुझाव रखे, जबकि विभागीय अधिकारियों ने उनके सवालों का जवाब देते हुए जीएसटी प्रक्रियाओं, नए प्रावधानों और व्यापारी हित से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।
व्यापारी नेता राजीव गुप्ता बब्बी ने सवाल किया कि विभाग नए उद्योग स्थापित करने के लिए तो प्रेरित करता है, लेकिन शुरुआती दौर में किसी प्रकार की कर राहत या विशेष सुविधा नहीं मिलती। उद्योग शुरू होते ही जीएसटी की जिम्मेदारी आ जाती है, जिससे नए उद्यमियों पर आर्थिक दबाव बढ़ता है।
उन्होंने पूछा कि क्या नए उद्यमियों को शुरुआती अवधि में कोई प्रोत्साहन या सहूलियत दी जा सकती है। इस पर उपायुक्त विकास कुमार सेठ ने कहा कि जीएसटी कानून पूरे देश में एक समान लागू है और कर दरों या छूट से संबंधित निर्णय केंद्र और जीएसटी परिषद स्तर पर लिए जाते हैं।
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व्यापारी रविवन खचांजी ने प्रश्न उठाया कि पंजीकृत व्यापारियों के लिए संचालित दुर्घटना बीमा योजना की राशि वर्तमान समय के हिसाब से कम है। उन्होंने बीमा कवर को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने तथा नए व्यापारियों के पंजीकरण के लिए विशेष शिविर आयोजित करने की मांग की।
जवाब में राज्य कर अधिकारी रवि प्रकाश ने बताया कि दुर्घटना बीमा योजना का संचालन शासन स्तर पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार किया जाता है। व्यापारियों के सुझावों को उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। व्यापारी संजय निगम ने सवाल किया कि कई छोटे व्यापारी तकनीकी जानकारी के अभाव में समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं कर पाते, जिससे उन पर जुर्माना और ब्याज का बोझ बढ़ जाता है।
उन्होंने पूछा कि विभाग ऐसे व्यापारियों की सहायता के लिए क्या व्यवस्था कर रहा है। इस पर सहायक आयुक्त अंचल अग्रवाल ने कहा कि विभाग लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है और करदाताओं को ऑनलाइन प्रक्रियाओं की जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम में अधिकारियों ने जीएसटी 2.0 के तहत किए गए नए सुधारों की जानकारी भी दी।
बेहतर कार्य करने वाली महिला उद्यमियों अर्पण मिश्रा, आरती वर्मा और ममता गुप्ता और नौ युवा उद्योग संचालकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उपायुक्त विकास कुमार सेठ ने कहा कि विभाग और व्यापारियों के बीच संवाद बढ़ने से कर व्यवस्था अधिक सरल और पारदर्शी बनेगी। इस मौके पर शैलेंद्र गुप्ता, मनमीत सिंह, मुकुल जैन, पार्थ गोयल, श्रवण कुमार, प्रभात गुप्ता मौजूद रहे।
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व्यापारी नेता राजीव गुप्ता बब्बी ने सवाल किया कि विभाग नए उद्योग स्थापित करने के लिए तो प्रेरित करता है, लेकिन शुरुआती दौर में किसी प्रकार की कर राहत या विशेष सुविधा नहीं मिलती। उद्योग शुरू होते ही जीएसटी की जिम्मेदारी आ जाती है, जिससे नए उद्यमियों पर आर्थिक दबाव बढ़ता है।
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उन्होंने पूछा कि क्या नए उद्यमियों को शुरुआती अवधि में कोई प्रोत्साहन या सहूलियत दी जा सकती है। इस पर उपायुक्त विकास कुमार सेठ ने कहा कि जीएसटी कानून पूरे देश में एक समान लागू है और कर दरों या छूट से संबंधित निर्णय केंद्र और जीएसटी परिषद स्तर पर लिए जाते हैं।
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व्यापारी रविवन खचांजी ने प्रश्न उठाया कि पंजीकृत व्यापारियों के लिए संचालित दुर्घटना बीमा योजना की राशि वर्तमान समय के हिसाब से कम है। उन्होंने बीमा कवर को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने तथा नए व्यापारियों के पंजीकरण के लिए विशेष शिविर आयोजित करने की मांग की।
जवाब में राज्य कर अधिकारी रवि प्रकाश ने बताया कि दुर्घटना बीमा योजना का संचालन शासन स्तर पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार किया जाता है। व्यापारियों के सुझावों को उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। व्यापारी संजय निगम ने सवाल किया कि कई छोटे व्यापारी तकनीकी जानकारी के अभाव में समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं कर पाते, जिससे उन पर जुर्माना और ब्याज का बोझ बढ़ जाता है।
उन्होंने पूछा कि विभाग ऐसे व्यापारियों की सहायता के लिए क्या व्यवस्था कर रहा है। इस पर सहायक आयुक्त अंचल अग्रवाल ने कहा कि विभाग लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है और करदाताओं को ऑनलाइन प्रक्रियाओं की जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम में अधिकारियों ने जीएसटी 2.0 के तहत किए गए नए सुधारों की जानकारी भी दी।
बेहतर कार्य करने वाली महिला उद्यमियों अर्पण मिश्रा, आरती वर्मा और ममता गुप्ता और नौ युवा उद्योग संचालकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उपायुक्त विकास कुमार सेठ ने कहा कि विभाग और व्यापारियों के बीच संवाद बढ़ने से कर व्यवस्था अधिक सरल और पारदर्शी बनेगी। इस मौके पर शैलेंद्र गुप्ता, मनमीत सिंह, मुकुल जैन, पार्थ गोयल, श्रवण कुमार, प्रभात गुप्ता मौजूद रहे।