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रसूखदारों के भट्ठे फुंके, प्रशासन चुप
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Fri, 18 Mar 2016 11:41 PM IST
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धड़ल्ले से हो रहा भट्ठा संचालन
- फोटो : अमर उजाला
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वं प्रदूषण नियंत्रण विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र है न ही जिला पंचायत की अनुमति, फिर भी कई रसूखदारों के ईंट भट्ठों की चिमनियां धधक उठी हैं। हाईकोर्ट और शासन-प्रशासन के आदेशों से बेपरवाह इन रसूखदार भट्ठा संचालकों के खिलाफ दूसरे भट्ठा संचालकों व स्थानीय लोगों ने शिकायत भी की। लेकिन भट्ठों का संचालन शुरू करने वालों के रसूख के आगे आला अधिकारी चुप्पी साधे हैं।
जिले में 225 ईंट भट्ठे हैं। हाईकोर्ट ने पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही भट्ठों के संचालन की अनुमति दी है। लेकिन वित्तीय वर्ष 2015-16 में अभी तक जनपद के किसी भी भट्ठा संचालक को पर्यावरण विभाग का एनओसी नहीं मिला है। जिसके चलते जिला पंचायत द्वारा भट्ठों में आग लगाने की अनुमति किसी को नहीं मिल सकी है।
शासन प्रशासन के आदेश से बेपरवाह रसूखदार भट्ठा संचालकों ने हाईकोर्ट के आदेश को भी दरकिनार कर अपने भट्ठों में आग लगवा दी है। भट्ठों की चिमनियां से निकलने वाला काला धुंआ भी इस बात की गवाही दे रहा है। जनपद में करीब एक दर्जन भट्ठों में बिना की अनुमति के ही आग लगा दी गई है।
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सिद्धौर व हरख ब्लॉकों में तो यह नजारा आम है। क्षेत्र के असदामऊ स्थित दो भट्ठों पर एक सप्ताह पहले आग लगाकर ईंटों को पकाने का काम शुरू कर दिया गया है। करीमाबाद मलौली व इब्राहिमाबाद स्थित ईंट भट्ठा पर भी दस दिन पहले ही आग लगाई गई है।
आदमपुर कोटवा के पास दो ईंट भट्ठों पर आग लगाकर पकाने का काम चल रहा है। इसकी शिकायत कई लोगों ने एसडीएम हैदरगढ़ से की गई लेकिन अभी तक तहसील प्रशासन व प्रशासन द्वारा इन रसूखदार भट्ठा संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
किसी को नहीं मिली अनुमति
जिला पंचायत के कर अधिकारी राजकुमार शुक्ल कहते हैं कि अभी जनपद में किसी भी भट्ठा संचालक को पर्यावरण व प्रदूषण नियंत्रण विभाग से एनओसी नहीं मिली है। पूर्व में 42 भट्ठा संचालकों से फार्म 5 पर शुल्क जमा कराया गया था लेकिन पर्यावरण विभाग से एनओसी नहीं मिलने के बाद से इस प्रक्रिया पर भी रोक लगी है।
अन्य किसी से भी शुल्क भी नहीं जमा कराया जा रहा है। पर्यावरण व प्रदूषण नियंत्रण विभाग से एनओसी मिलने के बाद ही फार्म 25 पर भट्ठों में आग लगाने की अनुमति दी जाएगी। अभी तक जनपद में किसी को र्भी इंट भट्ठा में आग लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। ईंट पथाई से जिला पंचायत का कोई सरोकार नहीं है।
अभी तक ईंट भट्ठा मालिकों को आग लगाने की कोई अनुमति नहीं दी गई है। हो सकता है कि जिलाधिकारी से अनुमति ले रखी हो। अगर शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -सुल्तान असरफ सिद्दकी, एसडीएम हैदरगढ़
अभी तक किसी भी भट्ठा संचालक को अनुमति नहीं दी गई है। 50 से ज्यादा फाइलें प्रक्रिया में है। पर्यावरण की एनओसी क्लियर होने के बाद ही भट्ठे चलेंगे। किसी ने आग लगाई है तो कड़ी कार्रवाई होगी। -हरिकेश चौरसिया, अपर जिलाधिकारी
अगर कहीं किसी भट्ठे की फुंकाई हुई है तो अभी मेरी जानकारी में नहीं है। अनुमति देने की प्रक्रिया अभी चल रही है। पर्यावरण की औपचारिकताएं पूरी होने की बाद ही भट्ठा शुरू किया जा सकेगा। कुछ फाइलें अभी मंजूरी की प्रक्रिया में हैं। -अनामिका सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत।
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जिले में 225 ईंट भट्ठे हैं। हाईकोर्ट ने पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही भट्ठों के संचालन की अनुमति दी है। लेकिन वित्तीय वर्ष 2015-16 में अभी तक जनपद के किसी भी भट्ठा संचालक को पर्यावरण विभाग का एनओसी नहीं मिला है। जिसके चलते जिला पंचायत द्वारा भट्ठों में आग लगाने की अनुमति किसी को नहीं मिल सकी है।
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शासन प्रशासन के आदेश से बेपरवाह रसूखदार भट्ठा संचालकों ने हाईकोर्ट के आदेश को भी दरकिनार कर अपने भट्ठों में आग लगवा दी है। भट्ठों की चिमनियां से निकलने वाला काला धुंआ भी इस बात की गवाही दे रहा है। जनपद में करीब एक दर्जन भट्ठों में बिना की अनुमति के ही आग लगा दी गई है।
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सिद्धौर व हरख ब्लॉकों में तो यह नजारा आम है। क्षेत्र के असदामऊ स्थित दो भट्ठों पर एक सप्ताह पहले आग लगाकर ईंटों को पकाने का काम शुरू कर दिया गया है। करीमाबाद मलौली व इब्राहिमाबाद स्थित ईंट भट्ठा पर भी दस दिन पहले ही आग लगाई गई है।
आदमपुर कोटवा के पास दो ईंट भट्ठों पर आग लगाकर पकाने का काम चल रहा है। इसकी शिकायत कई लोगों ने एसडीएम हैदरगढ़ से की गई लेकिन अभी तक तहसील प्रशासन व प्रशासन द्वारा इन रसूखदार भट्ठा संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
किसी को नहीं मिली अनुमति
जिला पंचायत के कर अधिकारी राजकुमार शुक्ल कहते हैं कि अभी जनपद में किसी भी भट्ठा संचालक को पर्यावरण व प्रदूषण नियंत्रण विभाग से एनओसी नहीं मिली है। पूर्व में 42 भट्ठा संचालकों से फार्म 5 पर शुल्क जमा कराया गया था लेकिन पर्यावरण विभाग से एनओसी नहीं मिलने के बाद से इस प्रक्रिया पर भी रोक लगी है।
अन्य किसी से भी शुल्क भी नहीं जमा कराया जा रहा है। पर्यावरण व प्रदूषण नियंत्रण विभाग से एनओसी मिलने के बाद ही फार्म 25 पर भट्ठों में आग लगाने की अनुमति दी जाएगी। अभी तक जनपद में किसी को र्भी इंट भट्ठा में आग लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। ईंट पथाई से जिला पंचायत का कोई सरोकार नहीं है।
अभी तक ईंट भट्ठा मालिकों को आग लगाने की कोई अनुमति नहीं दी गई है। हो सकता है कि जिलाधिकारी से अनुमति ले रखी हो। अगर शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -सुल्तान असरफ सिद्दकी, एसडीएम हैदरगढ़
अभी तक किसी भी भट्ठा संचालक को अनुमति नहीं दी गई है। 50 से ज्यादा फाइलें प्रक्रिया में है। पर्यावरण की एनओसी क्लियर होने के बाद ही भट्ठे चलेंगे। किसी ने आग लगाई है तो कड़ी कार्रवाई होगी। -हरिकेश चौरसिया, अपर जिलाधिकारी
अगर कहीं किसी भट्ठे की फुंकाई हुई है तो अभी मेरी जानकारी में नहीं है। अनुमति देने की प्रक्रिया अभी चल रही है। पर्यावरण की औपचारिकताएं पूरी होने की बाद ही भट्ठा शुरू किया जा सकेगा। कुछ फाइलें अभी मंजूरी की प्रक्रिया में हैं। -अनामिका सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत।