{"_id":"5713d07b4f1c1b3d3010fc96","slug":"increased-humidity-people-suffering","type":"story","status":"publish","title_hn":"बढ़ी उमस, बेहाल हुए लोग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बढ़ी उमस, बेहाल हुए लोग
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sun, 17 Apr 2016 11:35 PM IST
विज्ञापन
तेज धूप से बचती युवती
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले एक पखवारे से हो रही भीषण गर्मी के बाद रविवार को मौसम का मिजाज बदला रहा। लोगों को गर्मी से निजात तो नही मिली लेकिन दिन भर चले धूप छांव के खेल के चलते उमस काफी अधिक रही। जिससे लोग हलकान रहे। राहत के लिए लोगों ने छत व पेड़ की दांव का सहारा लिया लेकिन राहत कहीं नहीं मिली। रविवार को तापमान अधिकतम 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
रविवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला रहा। आसमान में धुंध छाई रही। जिसके चलते भीषण गर्मी के साथ उमस भी बढ़ी रही। पूरे दिन धूप छांव का खेल चलता रहा। जिससे लोग बेहाल रहे। शाम को आसमान में और बादल छाने से गर्मी व उमस बरकरार रही। बीच-बीच बह रही हवाओं ने लोगों को थोड़ी राहत दी। रविवार को तापमान अधिकतम 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गय।
आर्द्रता अधिकतम 52 व न्यूनतम 35 फीसद दर्ज की गई। मौसम में जिस तरह से बदलाव आ रहा है उससे राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं मौसम के इस बदले मिजाज से किसान भी परेशान हैं क्योंकि मेंथा की रोपाई जोरों पर चल रही है। एक ओर न तो नहरों में पानी है और न ही बारिश हो रही है जिससे इसका असर मेंथा की रोपाई पर भी पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला रहा। आसमान में धुंध छाई रही। जिसके चलते भीषण गर्मी के साथ उमस भी बढ़ी रही। पूरे दिन धूप छांव का खेल चलता रहा। जिससे लोग बेहाल रहे। शाम को आसमान में और बादल छाने से गर्मी व उमस बरकरार रही। बीच-बीच बह रही हवाओं ने लोगों को थोड़ी राहत दी। रविवार को तापमान अधिकतम 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गय।
विज्ञापन
आर्द्रता अधिकतम 52 व न्यूनतम 35 फीसद दर्ज की गई। मौसम में जिस तरह से बदलाव आ रहा है उससे राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं मौसम के इस बदले मिजाज से किसान भी परेशान हैं क्योंकि मेंथा की रोपाई जोरों पर चल रही है। एक ओर न तो नहरों में पानी है और न ही बारिश हो रही है जिससे इसका असर मेंथा की रोपाई पर भी पड़ रहा है।
विज्ञापन