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मंत्रियों को हराने वाले मंत्री की रेस में
अमर उजाला ब्यूरो/बाराबंकी
Updated Sat, 18 Mar 2017 11:49 PM IST
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विधानसभा चुनाव 2012 में जिले की जिस जनता ने सपा के छह के छह विधायक जिताए थे। इनमें से तीन को मंत्री भी बनाया गया था। पांच साल तक सत्ता का सुख भोगने वाले इन मंत्रियों को जनता ने इस बार नकार ही नहीं दिया, बल्कि सपा के गढ़ को ढहा दिया है।
जिले की छह विधानसभा सीटों में से पांच भाजपा की झोली में गई है। दिग्गजों को हराकर विधानसभा पहुंचे भाजपा विधायक लाल बत्ती हासिल करने के लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक भाजपा और आरएसएस के आकाओं की परिक्रमा लगा चुके हैं।
जिले में कौन मंत्री बनेगा यह तो तय नहीं है। पर इतना जरूर है कि जिले के किसी न किसी एमएलए को मंत्रिमंडल में शामिल कर पार्टी को मजबूती देने की कोशिश होगी।
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बाराबंकी जिला वैसे तो समाजवादियों का गढ़ रहा है। यहां पर पिछले विधानसभा चुनाव में सपा से अरविंद सिंह गोप, फरीद महफूज किदवई, राजीव कुमार सिंह, धर्मराज यादव, रामगोपाल रावत व राममगन रावत चुनाव जीते थे।
सपा सरकार के गठन के समय ही जिले से गोप, फरीद व राजीव को मंत्री बनाया गया था। बाद में गोप का कद बढ़ा कर कैबिनेट और फरीद को वरिष्ठता के कारण स्वतंत्र प्रभार का मंत्री बनाया गया था।
जिले से तीन मंत्रियों की ताजपोशी से जिले में जो मजबूती मिलनी चाहिए थी। वह मिलना दूर, तीनों लालबत्ती धारी अपनी सीट बचाने में कामयाब नहीं रह सके। अरविंद सिंह गोप को पहली बार चुनाव मैदान में उतरे शरद अवस्थी ने करीब 23 हजार मतों से हराकर विधानसभा पहुंचे।
इसी तरह राजीव कुमार सिंह को सतीश शर्मा ने 52 हजार के भारी मतों से हराया। तो फरीद महफूज किदवई भी साकेंद्र वर्मा से बुरी तरीके से हार गए। जिस तरह जनता ने भाजपा की झोली में पांच सीटे देकर पार्टी को ताकत दी है। उससे उनकी मांगों को पूरा करने के लिए सरकार में मजबूत भागीदारी तेज हो गई है।
भाजपा सरकार में एक बार राज्यमंत्री रह चुके बैजनाथ रावत व वरिष्ठता के आधार पर मंत्री बनने के लिए आकाओं के यहां चक्कर काट रहे हैं। तो रामनगर विधायक शरद अवस्थी जिले के सबसे मजबूत नेता व मंत्री अरविंद सिंह गोप को हराने के साथ ही कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाए रखने के लिए लालबत्ती की ख्वाहिश रखते हैं। उनके समर्थन में आरएसएस से लेकर पार्टी के कई दिग्गज भी वकालत कर रहे हैं।
नवनिर्वाचित एमएलए भी अपनी हाजिरी दिल्ली से लेकर लखनऊ तक लगा चुके हैं। अब फैसला हाईकमान पर टिका हुआ है। छह बार से लगातार चुनाव जीत रहे दरियाबाद से राजीव कुमार राजा को 52 हजार के बड़े अंतर से हराने वाले सतीश शर्मा भी क्षेत्र के विकास व बड़ी जीत का तर्क देकर मंत्री बनने की दौड़ में हैं। यह कितना सफल होंगे यह तो समय बताएगा।
पर युवाओं की फौज को साथ लेकर अपनी ताकत का पूरा लाभ पार्टी को पहुंचा सकते हैं। इस तरह शरद, सतीश व बैजनाथ जिले से लालबत्ती की दौड़ में शामिल हैं। और इनके लालबत्ती को पाने के लिए जो तर्क दिए जा रहे हैं वह भी काफी मजबूत है।
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जिले की छह विधानसभा सीटों में से पांच भाजपा की झोली में गई है। दिग्गजों को हराकर विधानसभा पहुंचे भाजपा विधायक लाल बत्ती हासिल करने के लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक भाजपा और आरएसएस के आकाओं की परिक्रमा लगा चुके हैं।
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जिले में कौन मंत्री बनेगा यह तो तय नहीं है। पर इतना जरूर है कि जिले के किसी न किसी एमएलए को मंत्रिमंडल में शामिल कर पार्टी को मजबूती देने की कोशिश होगी।
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बाराबंकी जिला वैसे तो समाजवादियों का गढ़ रहा है। यहां पर पिछले विधानसभा चुनाव में सपा से अरविंद सिंह गोप, फरीद महफूज किदवई, राजीव कुमार सिंह, धर्मराज यादव, रामगोपाल रावत व राममगन रावत चुनाव जीते थे।
सपा सरकार के गठन के समय ही जिले से गोप, फरीद व राजीव को मंत्री बनाया गया था। बाद में गोप का कद बढ़ा कर कैबिनेट और फरीद को वरिष्ठता के कारण स्वतंत्र प्रभार का मंत्री बनाया गया था।
जिले से तीन मंत्रियों की ताजपोशी से जिले में जो मजबूती मिलनी चाहिए थी। वह मिलना दूर, तीनों लालबत्ती धारी अपनी सीट बचाने में कामयाब नहीं रह सके। अरविंद सिंह गोप को पहली बार चुनाव मैदान में उतरे शरद अवस्थी ने करीब 23 हजार मतों से हराकर विधानसभा पहुंचे।
इसी तरह राजीव कुमार सिंह को सतीश शर्मा ने 52 हजार के भारी मतों से हराया। तो फरीद महफूज किदवई भी साकेंद्र वर्मा से बुरी तरीके से हार गए। जिस तरह जनता ने भाजपा की झोली में पांच सीटे देकर पार्टी को ताकत दी है। उससे उनकी मांगों को पूरा करने के लिए सरकार में मजबूत भागीदारी तेज हो गई है।
भाजपा सरकार में एक बार राज्यमंत्री रह चुके बैजनाथ रावत व वरिष्ठता के आधार पर मंत्री बनने के लिए आकाओं के यहां चक्कर काट रहे हैं। तो रामनगर विधायक शरद अवस्थी जिले के सबसे मजबूत नेता व मंत्री अरविंद सिंह गोप को हराने के साथ ही कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाए रखने के लिए लालबत्ती की ख्वाहिश रखते हैं। उनके समर्थन में आरएसएस से लेकर पार्टी के कई दिग्गज भी वकालत कर रहे हैं।
नवनिर्वाचित एमएलए भी अपनी हाजिरी दिल्ली से लेकर लखनऊ तक लगा चुके हैं। अब फैसला हाईकमान पर टिका हुआ है। छह बार से लगातार चुनाव जीत रहे दरियाबाद से राजीव कुमार राजा को 52 हजार के बड़े अंतर से हराने वाले सतीश शर्मा भी क्षेत्र के विकास व बड़ी जीत का तर्क देकर मंत्री बनने की दौड़ में हैं। यह कितना सफल होंगे यह तो समय बताएगा।
पर युवाओं की फौज को साथ लेकर अपनी ताकत का पूरा लाभ पार्टी को पहुंचा सकते हैं। इस तरह शरद, सतीश व बैजनाथ जिले से लालबत्ती की दौड़ में शामिल हैं। और इनके लालबत्ती को पाने के लिए जो तर्क दिए जा रहे हैं वह भी काफी मजबूत है।