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Barabanki News: पांच साल से पहले ड्रेस कोड बदला तो खत्म होगी मान्यता
Wed, 15 Apr 2026 01:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 15 Apr 2026 01:13 AM IST
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बाराबंकी। ड्रेस कोड बदलने, तय दुकान से महंगे दाम पर काॅपी, किताब व ड्रेस खरीदने के साथ मनमानी फीस वसूलने वाले निजी स्कूलों की अब खैर नहीं। सभी बोर्ड के स्कूलों को डीएम ने कड़ा निर्देश जारी किया है। साथ ही, उल्लंघन पाए जाने पर मान्यता समाप्त करने और पांच लाख तक के अर्थदंड की कार्रवाई करने की बात कही है।
नए शैक्षिक सत्र 2026-27 शुरू होने के साथ निजी स्कूल अभिभावकों को लूटने में जुट गए हैं। कई स्कूल दो से तीन साल में ही ड्रेस कोड बदलकर अभिभावकों की जेब का बोझ बढ़ा रहे है। तय दुकानदार ड्रेस व पाठ्य पुस्तकों के नाम पर अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
वहीं, प्रतिवर्ष नामांकन के साथ मासिक व वाहन शुल्क में मनमानी बढ़ोतरी ने अभिभावकों का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। इसको लेकर मिल रही शिकायत व खबरों का डीएम ने संज्ञान लेते हुए सभी बोर्ड के इंटर तक के स्कूलों को शुल्क निर्धारण अधिनियम संशोधित 2020 का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
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डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि स्कूल शुल्क का विवरण सूचना पट्ट पर पारदर्शी तरीके से अंकित करेंगे। वहीं एक साथ फीस जमा करने की बजाय मासिक, त्रैमासिक व अर्धवार्षिक जमा कराने के आदेश दिए हैं। सभी प्रकार की फीस रसीद भी देनी होगी। डीआईओएस ओपी त्रिपाठी ने बताया कि शुल्क निर्धारण अधिनियम संशोधित को लेकर जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिए हैं।
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नए शैक्षिक सत्र 2026-27 शुरू होने के साथ निजी स्कूल अभिभावकों को लूटने में जुट गए हैं। कई स्कूल दो से तीन साल में ही ड्रेस कोड बदलकर अभिभावकों की जेब का बोझ बढ़ा रहे है। तय दुकानदार ड्रेस व पाठ्य पुस्तकों के नाम पर अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
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वहीं, प्रतिवर्ष नामांकन के साथ मासिक व वाहन शुल्क में मनमानी बढ़ोतरी ने अभिभावकों का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। इसको लेकर मिल रही शिकायत व खबरों का डीएम ने संज्ञान लेते हुए सभी बोर्ड के इंटर तक के स्कूलों को शुल्क निर्धारण अधिनियम संशोधित 2020 का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
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डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि स्कूल शुल्क का विवरण सूचना पट्ट पर पारदर्शी तरीके से अंकित करेंगे। वहीं एक साथ फीस जमा करने की बजाय मासिक, त्रैमासिक व अर्धवार्षिक जमा कराने के आदेश दिए हैं। सभी प्रकार की फीस रसीद भी देनी होगी। डीआईओएस ओपी त्रिपाठी ने बताया कि शुल्क निर्धारण अधिनियम संशोधित को लेकर जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिए हैं।