{"_id":"67671cb6301f77584f0ade74","slug":"husband-sentenced-to-five-years-for-abetting-suicide-barabanki-news-c-315-1-slko1012-130289-2024-12-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: आत्महत्या के लिए उकसाने में पति को पांच साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: आत्महत्या के लिए उकसाने में पति को पांच साल की सजा
Sun, 22 Dec 2024 01:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 22 Dec 2024 01:23 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश प्रण विजय सिंह ने दहेज की मांग को लेकर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में दोषी पति को पांच वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही 22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि कोतवाली फतेहपुर के ग्राम लहसी मजरे खपुरवा निवासी सुशीलावती ने अपनी पुत्री दीपशिखा की शादी बिन पुरवा मजरे रुहेरा, थाना मोहम्मदपुर खाला के अरविंद वर्मा के साथ 15 फरवरी 2015 को की थी। अरविंद व उसके परिवार के लोग दहेज के लिए बेटी को प्रताड़ित करते थे। इसके बाद उन्होंने बाइक दी थी।
इसके बाद दोनों पक्षों में समझौते के बाद वे अलग कमरा लेकर रह रहे थे। 16 सितंबर 2017 को दीपशिखा मां के घर चली गई थी और मां से पैसे के लिए कहा था। इसके बाद वह ससुराल लौटी और फांसी लगा ली। घटना की रिपोर्ट सुशीलावती ने दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने अभियुक्त पति पर दहेज की मांग को लेकर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला साबित पाते हुए सजा सुनाई। ससुर शोभाराम को संदेह के लाभ में दोषमुक्त करार दे दिया।
विज्ञापन
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि कोतवाली फतेहपुर के ग्राम लहसी मजरे खपुरवा निवासी सुशीलावती ने अपनी पुत्री दीपशिखा की शादी बिन पुरवा मजरे रुहेरा, थाना मोहम्मदपुर खाला के अरविंद वर्मा के साथ 15 फरवरी 2015 को की थी। अरविंद व उसके परिवार के लोग दहेज के लिए बेटी को प्रताड़ित करते थे। इसके बाद उन्होंने बाइक दी थी।
विज्ञापन
इसके बाद दोनों पक्षों में समझौते के बाद वे अलग कमरा लेकर रह रहे थे। 16 सितंबर 2017 को दीपशिखा मां के घर चली गई थी और मां से पैसे के लिए कहा था। इसके बाद वह ससुराल लौटी और फांसी लगा ली। घटना की रिपोर्ट सुशीलावती ने दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने अभियुक्त पति पर दहेज की मांग को लेकर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला साबित पाते हुए सजा सुनाई। ससुर शोभाराम को संदेह के लाभ में दोषमुक्त करार दे दिया।