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Barabanki News: दहेज-हत्या में पति दोषी, 10 वर्ष की कठोर कैद
Wed, 15 Jul 2026 01:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 15 Jul 2026 01:10 AM IST
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बाराबंकी। दहेज उत्पीड़न और हत्या के मामले में आरोपी पति को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही 15000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।अभियोजन पक्ष के अनुसार अयोध्या जिले के बधेड़ी थाना मवई निवासी रामसागर ने थाना कोठी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
उन्होंने बताया था कि पुत्री शिमला देवी का विवाह मई 2013 में कोठी के मंगतपुर मजरे सेमरांवा निवासी लल्लन के साथ किया था। 11 नवंबर 2019 को शिमला मायके जाना चाह रही थी, इसके लिए वह तीन चार बार घर से निकली लेकिन ससुरालवालों ने पीटकर घर के अंदर कर दिया। उसी दिन पति लल्लन, ससुर हरिनाथ व हरिनाथ की पत्नी ने उनकी बेटी को फंदे से लटका कर मार दिया।
पुलिस ने लल्लन व हरिनाथ के विरुद्ध साक्ष्य संकलित कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। गवाही के दौरान पिता ने बताया कि शादी के बाद से ही दहेज को लेकर बेटी को प्रताड़ित किया जाता था। बेटी यह बताती थी लेकिन लोकलाज और गरीबी के कारण उसे समझा दिया जाता था। अभियोजन व बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश असद अहमद हाशमी ने पति लल्लन को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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उन्होंने बताया था कि पुत्री शिमला देवी का विवाह मई 2013 में कोठी के मंगतपुर मजरे सेमरांवा निवासी लल्लन के साथ किया था। 11 नवंबर 2019 को शिमला मायके जाना चाह रही थी, इसके लिए वह तीन चार बार घर से निकली लेकिन ससुरालवालों ने पीटकर घर के अंदर कर दिया। उसी दिन पति लल्लन, ससुर हरिनाथ व हरिनाथ की पत्नी ने उनकी बेटी को फंदे से लटका कर मार दिया।
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पुलिस ने लल्लन व हरिनाथ के विरुद्ध साक्ष्य संकलित कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। गवाही के दौरान पिता ने बताया कि शादी के बाद से ही दहेज को लेकर बेटी को प्रताड़ित किया जाता था। बेटी यह बताती थी लेकिन लोकलाज और गरीबी के कारण उसे समझा दिया जाता था। अभियोजन व बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश असद अहमद हाशमी ने पति लल्लन को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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