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Barabanki News: बिना किताबों के कैसे पढ़ेंगे 60 हजार बच्चे
Tue, 25 Jun 2024 05:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 25 Jun 2024 05:10 AM IST
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बाराबंकी। गर्मी की छुट्टी के बाद जिले में संचालित परिषदीय विद्यालय मंगलवार 25 जून से खुल जाएंगे। जबकि पठन पाठन का कार्य 28 जून से शुरू होने वाली कक्षाओं के साथ होगा। स्कूलों में बच्चों का स्वागत रोली टीका से करने की तैयारी तो हो गई है लेकिन कक्षा एक और दो में पंजीकृत करीब 60 हजार बच्चों को फिलहाल बिना किताबों के ही पढ़ाई करना पढ़ेगी। इनमें से करीब 30 हजार बच्चे वह हैं, जिन्होंने पहली बार स्कूल में कदम रखा है।
जिले में 2626 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें बीती 20 से 27 मार्च तक वार्षिक परीक्षाएं संपन्न हुई थीं। बीते एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हुआ तो किताबों के वितरण की कवायद शुरू हुई। इसके बाद कक्षा तीन से लेकर आठ तक के बच्चों को करीब 20 लाख किताबें वितरित की गई थी। लेकिन कक्षा एक और दो के करीब 60 हजार बच्चों की पढ़ाई बिना किताब के ही शुरू करानी पड़ी थी। गर्मी की छुट्टी के बाद उम्मीद थी कि इन बच्चों को किताबें मिल जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 28 जून से शुरू होने वाली कक्षाओं से पहले इन बच्चों को किताबें मिलना बड़ी चुनौती बना है। अधिकारी बताते हैं कि किताबों में हुए बदलाव के कारण ही शासन से अभी तक किताबें ही उपलब्ध नहीं हो पाई हैं।
जिले में इस समय 2.65 लाख विद्यार्थी पंजीकृत है। कक्षा तीन से आठ तक के सभी बच्चों को किताबें वितरित कर दी गई हैं। कक्षा एक और दो के करीब 60000 बच्चों को किताबें दिलाने के लिए कवायद चल रही है।
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उधर, पहली बार नियुक्ति पाने वाले 80 युवा शिक्षक शिक्षकों की तैनाती का आदेश जारी हो गया है। बीएसए कार्यालय में 27 से 29 जून के बीच इनको विद्यालय आवंटित होगा। वर्ष 2016 में हुई 12460 शिक्षक भर्ती में 5,990 अभ्यर्थी नियुक्ति के बाद तैनाती पा चुके थे। शेष अभ्यर्थियों को नौकरी नहीं मिलने पर वह हाईकोर्ट चले गए थे। अदालत के आदेश में बाद बीते जनवरी माह में जिले में काउंसिलिंग कराने के बाद करीब 80 अभ्यर्थियों को बीएसए ने नियुक्ति पत्र तो दे दिए थे लेकिन उनकी तैनाती नहीं हो पाई थी। अब शासन ने बीएसए को इन शिक्षकों की तैनाती का आदेश जारी किया है।
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जिले में 2626 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें बीती 20 से 27 मार्च तक वार्षिक परीक्षाएं संपन्न हुई थीं। बीते एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हुआ तो किताबों के वितरण की कवायद शुरू हुई। इसके बाद कक्षा तीन से लेकर आठ तक के बच्चों को करीब 20 लाख किताबें वितरित की गई थी। लेकिन कक्षा एक और दो के करीब 60 हजार बच्चों की पढ़ाई बिना किताब के ही शुरू करानी पड़ी थी। गर्मी की छुट्टी के बाद उम्मीद थी कि इन बच्चों को किताबें मिल जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 28 जून से शुरू होने वाली कक्षाओं से पहले इन बच्चों को किताबें मिलना बड़ी चुनौती बना है। अधिकारी बताते हैं कि किताबों में हुए बदलाव के कारण ही शासन से अभी तक किताबें ही उपलब्ध नहीं हो पाई हैं।
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जिले में इस समय 2.65 लाख विद्यार्थी पंजीकृत है। कक्षा तीन से आठ तक के सभी बच्चों को किताबें वितरित कर दी गई हैं। कक्षा एक और दो के करीब 60000 बच्चों को किताबें दिलाने के लिए कवायद चल रही है।
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उधर, पहली बार नियुक्ति पाने वाले 80 युवा शिक्षक शिक्षकों की तैनाती का आदेश जारी हो गया है। बीएसए कार्यालय में 27 से 29 जून के बीच इनको विद्यालय आवंटित होगा। वर्ष 2016 में हुई 12460 शिक्षक भर्ती में 5,990 अभ्यर्थी नियुक्ति के बाद तैनाती पा चुके थे। शेष अभ्यर्थियों को नौकरी नहीं मिलने पर वह हाईकोर्ट चले गए थे। अदालत के आदेश में बाद बीते जनवरी माह में जिले में काउंसिलिंग कराने के बाद करीब 80 अभ्यर्थियों को बीएसए ने नियुक्ति पत्र तो दे दिए थे लेकिन उनकी तैनाती नहीं हो पाई थी। अब शासन ने बीएसए को इन शिक्षकों की तैनाती का आदेश जारी किया है।