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कोविड से निराश्रितों को मिले चार-चार हजार रुपये
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बाराबंकी। कोरोना महामारी से अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और संरक्षण के लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत जिले के 62 बच्चों को स्वीकृति पत्र डीएम द्वारा दिया गया। इससे पहले कलेेक्ट्रेट में मुुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इन निराश्रितों बच्चों केे वैध संरक्षकों के खातों में चार-चार हजार रुपये की राशि भेजने और सीएम के वर्चुअल संबोधन को भी सुना गया।
प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से कई परिवार के कमाऊ व्यक्ति की मृत्यु भी हो गई थी। ऐेसे अनाथ हुए बच्चों के पालन-पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा के लिए शुरू हुई मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत जिले के 62 निराश्रित बच्चों के खातों में महिला कल्याण विभाग के मदद से चार-चार हजार रुपये की राशि मुख्यमंत्री द्वारा सीधे एक क्लिक के माध्यम से भेजी गई।
इसको लेकर कलेक्ट्रेट के लोक सभागार में डीएम डॉ. आदर्श सिंह की मौजूदगी में सीएम के वर्चुअल संबोधन को सुुना गया। वहीं डीएम ने 62 निराश्रितों को स्वीकृति पत्र वितरित किए। डीपीओ अनिल मौर्या ने बताया कि इन निराश्रितों को प्रतिमाह चार हजार रुपये 18 वर्ष की आयु तक उनके वैध संरक्षक के खातों में पहुंचती रहेगी तथा 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों को इंटर तक की नि:शुल्क शिक्षा के लिए उन्हें अटल आवासीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश कराया जाएगा। बालिकाओं की शादी के लिए भी एक लाख की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
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छह बच्चों ने खो दिए माता-पिता
जिन 62 निराश्रितों को योजना का लाभ दिया गया है। उनमें छह निराश्रित बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने इस कोरोना महामारी के चलते अपने माता-पिता दोनों को खो दिया। इनमें शहर के तीन और हैदरगढ़ तहसील क्षेत्र के तीन बच्चे शामिल हैं।
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प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से कई परिवार के कमाऊ व्यक्ति की मृत्यु भी हो गई थी। ऐेसे अनाथ हुए बच्चों के पालन-पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा के लिए शुरू हुई मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत जिले के 62 निराश्रित बच्चों के खातों में महिला कल्याण विभाग के मदद से चार-चार हजार रुपये की राशि मुख्यमंत्री द्वारा सीधे एक क्लिक के माध्यम से भेजी गई।
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इसको लेकर कलेक्ट्रेट के लोक सभागार में डीएम डॉ. आदर्श सिंह की मौजूदगी में सीएम के वर्चुअल संबोधन को सुुना गया। वहीं डीएम ने 62 निराश्रितों को स्वीकृति पत्र वितरित किए। डीपीओ अनिल मौर्या ने बताया कि इन निराश्रितों को प्रतिमाह चार हजार रुपये 18 वर्ष की आयु तक उनके वैध संरक्षक के खातों में पहुंचती रहेगी तथा 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों को इंटर तक की नि:शुल्क शिक्षा के लिए उन्हें अटल आवासीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश कराया जाएगा। बालिकाओं की शादी के लिए भी एक लाख की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
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छह बच्चों ने खो दिए माता-पिता
जिन 62 निराश्रितों को योजना का लाभ दिया गया है। उनमें छह निराश्रित बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने इस कोरोना महामारी के चलते अपने माता-पिता दोनों को खो दिया। इनमें शहर के तीन और हैदरगढ़ तहसील क्षेत्र के तीन बच्चे शामिल हैं।