फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   health

एक्सरे मशीन एक भी नहीं, वेतन पर छह करोड़ खर्च

Sun, 30 Jan 2022 01:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jan 2022 01:00 AM IST
विज्ञापन
health
बाराबंकी। स्वास्थ्य विभाग में बीते पांच सालों से अजब खेल चल रहा है। जिले की सीएचसी में पांच साल पहले एक्सरे टेक्नीशियन व डार्करूम सहायक तैनात तो कर दिए गए मगर एक्सरे मशीन लगाना विभाग मानो भूल गया। ऐसी 13 सीएचसी हैं जिन पर तैनात एक्सरे टेक्नीशियन व डार्करूम सहायकों को बिना एक्सरे किए ही पांच साल से मुफ्त में वेतन दिया जा रहा है।
विज्ञापन

हैरत वाली बात तो यह है कि बीते पांच सालों में इनके वेतन पर करीब पांच करोड़ 70 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। सरकारी धन की इस तरह से बर्बादी होने पर भी आला अफसर नहीं जागे और सिलसिला लगातार जारी है। इतनी राशि से तो कई डिजिटल एक्सरे मशीनें आ जातीं।
विज्ञापन

पांच साल पहले वर्ष 2016 में जिले के सभी 20 सीएचसी में एक्सरे टेक्नीशियन व सहायकों की तैनाती की गई थी। मकसद था कि ग्रामीण क्षेत्र के जरूरतमंदों को उनके क्षेत्र में ही एक्सरे की सुविधा का लाभ मिल सके। लेकिन इन 20 सीएचसी में से हैदरगढ़, फतेहपुर, सिरौलीगौसपुर, टिकैतनगर, जैदपुर, सूरतगंज व फतेहपुर में ही एक्सरे मशीनों की व्यवस्था है जबकि 13 सीएचसी में वर्ष 2016 से आज तक एक्सरे मशीनों की स्थापना ही नहीं हुई। एक्सरे मशीनें भले न लगी हों मगर यहां पर तैनात किए गए टेक्नीशियन व सहायक को वेतन जरूर दिया जाता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन कर्मचारियों से बात की गई तो पता चला कि टेक्नीशियन का वेतन करीब 45 हजार रुपये व सहायक का वेतन 28 हजार रुपये प्रतिमाह है। ऐसी हालत में एक सीएचसी पर हर माह वेतन के रूप में 73 हजार रुपये और सभी 13 सीएचसी पर इसी मद में करीब साढ़े 9 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन के रूप में खर्च हो रहे हैं।
वर्ष 2016 से 2021 तक अर्थात बीते 5 साल के 60 महीनों में इनके वेतन पर 5 करोड़ 69 लाख 40 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। यह सिलसिला लगातार जारी है। स्वास्थ्य विभाग की भी मजबूरी है कि इन कर्मचारियों को वेतन दे। क्योंकि इनकी तैनाती ही इसीलिए हुई थी। उधर, टेक्नीशियन व सहायकों का तर्क है कि संसाधन उपलब्ध कराना विभाग का काम है। कर्मचारी तो अपना काम करने को तैयार ही हैं।
जिला अस्पताल पर बढ़ा भार, भटक रहे मरीज
कोठी, जहांगीराबाद, सिद्घौर, सआदतगंज समेत 13 सीएचसी पर एक्सरे टेक्नीशियन व सहायक की तैनाती होने के बाद भी सालों से एक्सरे मशीन न होने को लेकर लोग आक्रोशित हैं। क्षेत्र के समाजसेवियों ने इसे लेकर कई बार मांग की।
मशीन न होने से जरूरतमंदों को जिला अस्पताल तक सफर करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में एक्सरे को लेकर सुबह साढ़े नौ बजे तक ही पर्चे जमा किए जाते हैं। सुदूर गांवों से आने वाले लोगों को अक्सर देर हो जाती है जिससे उन्हें बिना एक्सरे कराए ही निराश लौटना पड़ता है।

यह सही है कि एक दर्जन सीएचसी पर एक्सरे मशीन नहीं है मगर टेक्नीशियन व सहायकों की तैनाती है। यह केवल मेरे कार्यकाल की बात नहीं है। एक्सरे मशीन उपलब्ध कराने के लिए शासन को मांग भेजी गई है। जिसे मंजूरी मिलने का इंतजार है।
-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed