{"_id":"60e5fa8d8ebc3eff1c7cc370","slug":"head-master-arrest-barabanki-news-lko585934298","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो साल से फरार फर्जी प्रधानाध्यापक गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो साल से फरार फर्जी प्रधानाध्यापक गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हैदरगढ़ (बाराबंकी)। सुबेहा पुलिस ने दो साल से फरार एक फर्जी प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार कर लिया है। डाकघर की एनएससी पर लिखे फोन नंबर की लोकेशन सर्विलांस से मिलने पर उसे जिला बस्ती के घर से पकड़ा गया है।
ब्लॉक में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर सुरेंद्र नाथ परिषदीय स्कूल में प्रधानाध्यापक के पद नौकरी कर रहा था। शासन के निर्देश पर बीते दो साल पहले हुई जांच के दौरान वह लापता हो गया था। शैक्षिक व अन्य प्रमाण पत्रों के फर्जी मिलने पर दो साल पहले पुलिस ने बीईओ की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की थी।
इसके बाद से उसकी तलाश हो रही थी। इस दौरान आरोपी द्वारा डाकघर से खरीदी गई एनएससी पर लिखे फोन नंबर को सर्विलांस पर लगाए जाने पर फर्जी प्रधानाध्यापक की लोकेशन पता चल सकी। पुलिस ने बस्ती थाना कप्तानगंज के बेलसड़ से निवासी रामराज विश्वकर्मा (कथित फर्जी प्रधानाध्यापक सुरेंद्र नाथ) को गिरफ्तार किया।
विज्ञापन
थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि फोन नंबर को सर्विलांस पर लगाने पर फर्जी शिक्षक की लोकेशन पता चली। पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन
ब्लॉक में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर सुरेंद्र नाथ परिषदीय स्कूल में प्रधानाध्यापक के पद नौकरी कर रहा था। शासन के निर्देश पर बीते दो साल पहले हुई जांच के दौरान वह लापता हो गया था। शैक्षिक व अन्य प्रमाण पत्रों के फर्जी मिलने पर दो साल पहले पुलिस ने बीईओ की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की थी।
विज्ञापन
इसके बाद से उसकी तलाश हो रही थी। इस दौरान आरोपी द्वारा डाकघर से खरीदी गई एनएससी पर लिखे फोन नंबर को सर्विलांस पर लगाए जाने पर फर्जी प्रधानाध्यापक की लोकेशन पता चल सकी। पुलिस ने बस्ती थाना कप्तानगंज के बेलसड़ से निवासी रामराज विश्वकर्मा (कथित फर्जी प्रधानाध्यापक सुरेंद्र नाथ) को गिरफ्तार किया।
विज्ञापन
थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि फोन नंबर को सर्विलांस पर लगाने पर फर्जी शिक्षक की लोकेशन पता चली। पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।