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घाघरा ने मचाई 150 गांवों में तबाही
बाराबंकी
Updated Mon, 14 Aug 2017 11:28 PM IST
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बाराबंकी के टिकैतनगर क्षेत्र के गोबरहा गांव घुसा बाढ़ का पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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नेपाल द्वारा लगातार घाघरा नदी में पानी छोड़ने की वजह से घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान से 85 सेमी ऊपर पहुंच गया है। इस वर्ष का यह अब तक का सबसे ज्यादा जलस्तर है। अभी तक नदी के पानी से 120 गांव ही प्रभावित चल रहे थे। लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 150 के आसपास पहुंच गई है। जिसकी वजह से बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों का जीवन बद से बदतर होता जा रहा है। प्रशासनिक मदद भी बाढ़ पीड़ितों के लिए नाकाफी साबित हो रही है।
रामनगर क्षेत्र के करीब दो दर्जन उन गांवों में पानी घुस गया था जिनमें अभी तक पानी पहुंचने की कोई उम्मीद नहीं थी। गांवों में पानी घुसने से लोग परिवारीजनों और गृहस्थी के सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। वहीं टिकैतनगर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में जहां पानी थोड़ा कम हुआ था वहां पानी तेजी से बढ़ने लगा है।
बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि जिससे तेजी से पानी बढ़ रहा है उसे हालात और बिगड़ेंगे। वहीं बंधे पर तिरपाल तान परिवार के साथ जीवन गुजार रहे बाढ़ पीड़ितों का हाल बेहाल है। इस बारे में अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नेपाल से घाघरा नदी में लगातार पानी छोड़ जा रहा है जिसकी वजह से तराई क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति बिगड़ रही है। रामनगर क्षेत्र के कुछ गांवों तक पानी पहुंचने की जानकारी मिली है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के सभी एसडीएम को सतर्क कर दिया गया है और बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है।
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रामनगर क्षेत्र के बुधईपुरवा, दुर्गापुर, लोधपुरवा, नामीपुर, सिरौली, तपेसिपाह, हुजैनपुर, कोरिनपुरवा, पनवाड़ी पुरवा समेत करीब दो दर्जन गावों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इसके अलावा दुर्गापुर, लहड़रा, आइमा, लोहटी पसई, जागूपुरवा, हरिनरायन पुर समेत एक दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं।
वहीं टिकैतनगर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों कमियार, परसवाल, नैपुरा, अतरसुइया, नाऊपुरवा आदि में नदी का पानी तेजी से बढ़ने लगा है। वहीं सूरतगंज क्षेत्र कचनापुर, हेतमापुर और सुंदरनगर में भी बाढ़ का पानी बढ़ रहा है।
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रामनगर क्षेत्र के करीब दो दर्जन उन गांवों में पानी घुस गया था जिनमें अभी तक पानी पहुंचने की कोई उम्मीद नहीं थी। गांवों में पानी घुसने से लोग परिवारीजनों और गृहस्थी के सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। वहीं टिकैतनगर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में जहां पानी थोड़ा कम हुआ था वहां पानी तेजी से बढ़ने लगा है।
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बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि जिससे तेजी से पानी बढ़ रहा है उसे हालात और बिगड़ेंगे। वहीं बंधे पर तिरपाल तान परिवार के साथ जीवन गुजार रहे बाढ़ पीड़ितों का हाल बेहाल है। इस बारे में अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नेपाल से घाघरा नदी में लगातार पानी छोड़ जा रहा है जिसकी वजह से तराई क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति बिगड़ रही है। रामनगर क्षेत्र के कुछ गांवों तक पानी पहुंचने की जानकारी मिली है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के सभी एसडीएम को सतर्क कर दिया गया है और बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है।
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रामनगर क्षेत्र के बुधईपुरवा, दुर्गापुर, लोधपुरवा, नामीपुर, सिरौली, तपेसिपाह, हुजैनपुर, कोरिनपुरवा, पनवाड़ी पुरवा समेत करीब दो दर्जन गावों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इसके अलावा दुर्गापुर, लहड़रा, आइमा, लोहटी पसई, जागूपुरवा, हरिनरायन पुर समेत एक दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं।
वहीं टिकैतनगर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों कमियार, परसवाल, नैपुरा, अतरसुइया, नाऊपुरवा आदि में नदी का पानी तेजी से बढ़ने लगा है। वहीं सूरतगंज क्षेत्र कचनापुर, हेतमापुर और सुंदरनगर में भी बाढ़ का पानी बढ़ रहा है।