घाघरा लाल निशान पार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारी बरसात के कारण रविवार को घाघरा का जलस्तर खतरे के लाल निशान को पार कर गया है। नदी का पानी दो सेेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। नदी का पानी बढ़ने से तराई वासियों में हड़कंप मच गया है। नदी के तेवर देख प्रशासन पूरी तरह से सर्तक हो गया। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्र के उपजिलाधिकारियों को नदी के पानी पर बराबर नजर रखने को कहा गया है।
शनिवार को हुई झमाझम बारिश के बाद घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। नदी का पानी खतरे के निशान से 106.076 से बढ़कर 106.156 पर बह रहा है। नदी का पानी दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जिससे तराई वासियों में हड़कंप मच गया है। क्योंकि जिस रफ्तार से नदी का पानी बढ़ रहा है यदि यही हाल रहा तो करीब आधा दर्जन गांवों तक पानी पहुंचना तय माना जा रहा है। नदी के तेवर देख प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क हो गया है। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा फतेहपुर, रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट के एसडीएम को पूरी तरह से अलर्ट रहने को कहा गया है। तराई के लोगों का कहना है कि नदी में प्रतिवर्ष बाढ़ आती है हजारों परिवारों को तबाह करके चली जाती है। करोड़ों रुपये पानी में बह जाते हैं, लेकिन इसका कोई स्थाई हल नहीं निकाला जा रहा है। आखिर कब तक हम लोग बाढ़ की विभीषिका से जूझते रहेंगे। उधर, टिकैतनगर प्रतिनिधि के अनुसार मांझारायपुर के निकट एल्गिन-चरसड़ी बांध के पास जहां पर नदी बांध को काट रही थी उसमें थोड़ी कमी आई है क्योंकि पानी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान कम हो जाती है। वहीं नदी में बढ़ते हुए जलस्तर को देखते हुए बांध को बचाने का कार्य और तेज कर दिया गया है। बांध को बचाने के लिए अलग से एक बंधा बनाया गया है इस बंधे के बन जाने की वजह से परसावल, कमियार और नैपुरा गांव को भी बचाया जा सकेगा। इसके अलावा क्षतिग्रस्त बांध की मरम्मत का कार्य जोरों चल रहा है।
घाघरा नदी का पानी बराबर बढ़ रहा है। स्थिति पर बराबर नजर रखी जा रही है। सभी कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। इसके साथ चारों तहसीलों के एसडीएम को नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रखने को कहा गया। वहीं बंधे की मरम्मत को लेकर कराए जा रहे कार्य में और तेजी लाने के निर्देश बाढ़ खंड के अधिकारियों को दिए गए हैं।
- हरिकेश चौरसिया, एडीएम