{"_id":"69af2e5def9dcf2263063393","slug":"four-people-detained-in-the-death-of-a-relative-of-the-block-chief-barabanki-news-c-315-1-brp1006-160908-2026-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: ब्लॉक प्रमुख के रिश्तेदार की मौत में चार लोग हिरासत में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: ब्लॉक प्रमुख के रिश्तेदार की मौत में चार लोग हिरासत में
Tue, 10 Mar 2026 02:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 10 Mar 2026 02:02 AM IST
विज्ञापन
बाराबंकी। लोनीकटरा थाना क्षेत्र में ब्लॉक प्रमुख की जेठानी के भाई की मारपीट के दौरान मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर एक भी चोट नहीं पाई गई। परिजनों ने पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया था। विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है।
लोनीकटरा थाना क्षेत्र के भोला का पुरवा गांव में चार मार्च को होली के दिन रंग खेलने को लेकर मोहन और रामदेव के भतीजे रामू के बीच विवाद हो गया था। दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट को लेकर मोहन ने पुलिस को तहरीर दी थी। रविवार सुबह पुलिस गांव पहुंची और दोनों पक्षों के बच्चों को समझा-बुझाकर वापस लौट आई। रामदेव के बेटे विनीत का आरोप है कि पुलिस के लौटते ही विपक्ष के श्रवण, मोहनलाल, जीवनलाल, मायाराम, अमर सिंह, मनोज कुमार, अमरजीत, अंकुल घर में घुस आए और उनके पिता रामदेव पर हमला कर दिया। पिटाई से गंभीर रूप से घायल रामदेव को तत्काल त्रिवेदीगंज सीएचसी ले जाया गया। वहीं, उनके पुत्र ने रामदेव के हस्ताक्षर वाली तहरीर पुलिस को दी। हालांकि तहरीर देने के बाद डॉक्टरों ने रामदेव को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने रामदेव की तहरीर पर ही आरोपियों पर सामूहिक रूप से आपराधिक कार्य, शांति भंग की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस का कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद धाराएं बढ़ाई या बदली जाएंगी। सोमवार को रामदेव के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मामला और उलझ गया, क्योंकि डॉक्टरों ने शरीर पर किसी भी प्रकार की बाहरी चोट नहीं पाई।
विज्ञापन
लोनीकटरा थाना क्षेत्र के भोला का पुरवा गांव में चार मार्च को होली के दिन रंग खेलने को लेकर मोहन और रामदेव के भतीजे रामू के बीच विवाद हो गया था। दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट को लेकर मोहन ने पुलिस को तहरीर दी थी। रविवार सुबह पुलिस गांव पहुंची और दोनों पक्षों के बच्चों को समझा-बुझाकर वापस लौट आई। रामदेव के बेटे विनीत का आरोप है कि पुलिस के लौटते ही विपक्ष के श्रवण, मोहनलाल, जीवनलाल, मायाराम, अमर सिंह, मनोज कुमार, अमरजीत, अंकुल घर में घुस आए और उनके पिता रामदेव पर हमला कर दिया। पिटाई से गंभीर रूप से घायल रामदेव को तत्काल त्रिवेदीगंज सीएचसी ले जाया गया। वहीं, उनके पुत्र ने रामदेव के हस्ताक्षर वाली तहरीर पुलिस को दी। हालांकि तहरीर देने के बाद डॉक्टरों ने रामदेव को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने रामदेव की तहरीर पर ही आरोपियों पर सामूहिक रूप से आपराधिक कार्य, शांति भंग की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस का कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद धाराएं बढ़ाई या बदली जाएंगी। सोमवार को रामदेव के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मामला और उलझ गया, क्योंकि डॉक्टरों ने शरीर पर किसी भी प्रकार की बाहरी चोट नहीं पाई।
विज्ञापन