फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   Four and occupy the house ghaghara

चार और घरों को लील गई घाघरा

Mon, 27 Jul 2015 10:35 PM IST
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 27 Jul 2015 10:35 PM IST
विज्ञापन
घाघरा नदी की कटान से तराई में हड़कंप मचा है। सोमवार को भी चार घर नदी में समा गए। घाघरा की कटान की चपेट में आकर कचनापुर में अब तक 21 घर समा चुके हैं। नदी का पानी जिस तरह से कटान कर रहा है उससे चार और घर नदी के मुहाने पर हैं। गांव के आधे लोग सुरक्षित स्थान को पलायन कर गए हैं।
विज्ञापन

घाघरा नदी का पानी तराई में हड़कंप मचाए हुए है। सूरतगंज क्षेत्र के कचनापुर गांव में यहां का प्राथमिक विद्यालय समेत करीब 21 घर नदी की कटान में समा चुके हैं। रविवार को 17 घर इसकी चपेट में आए थे। लेकिन सोमवार को चार और रिजवान, अकबर, मोटे ओर शफी उल्ला का मकान नदी की कटान की भेंट चढ़ गया है। इसके अलावा यहीं के निवासी बटोही, इश्तियाकुलन, हशमत अली आदि के मकान पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। इन लोगों का कहना है कि नदी का पानी जिस तेजी से कटान कर रहा है उससे विद्यालय तो कभी भी पानी में समा सकता है साथ ही इन लोंगों के घरों को भी इसकी चपेट में आने से कोई रोक नहीं सकता है। नदी के रुख को देख तराईवासियों में दहशत का माहौल घर कर गया है। रिजवान और अकबर तो गांव छोड़कर लहरपुर में रहने वाली अपनी बहन के घर पूरे परिवार समेत चले गए हैं। जबकि, मोटे और शफी परिवार समेत गांव के बाहर सुरक्षित स्थान पर आ गए हैं। गांव के लोगों का कहना है नदी का पानी अब मस्जिद की ओर तेजी से कटान कर रहा है जिससे मस्जिद को भी खतरा पैदा हो गया है। प्रशासनिक अमला इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है जिससे तराई के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा परसंडा, जमका, खुज्जी आदि गांवों पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। गांव के लोगों का कहना है रविवार को विद्यालय के नदी में समाने की सूचना पर एसडीएम रामनगर जयप्रकाश अन्य राजस्वकर्मियों के साथ मौके पर आए थे, लेकिन सोमवार को कोई भी अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं आया। यहां तक तहसील प्रशासन की ओर से हम लोगों को किसी प्रकार की मदद नहीं मिल रही है। जिससे हम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन



स्थिर रहा जल स्तर
घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान 106.076 से 105.936 पर बह रहा है। जोकि अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है। नदी का जलस्तर रविवार को जिस तेजी से बढ़ रहा था जो कि सोमवार को स्थिर हो गया है। नदी का जलस्तर स्थिर होने से बाढ़ खंड के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है और बंधे की मरम्मत का कार्य तेज कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एडीएम हरिकेश चौरसिया ने बताया कि सूरतगंज के कचनापुर गांव में नदी का पानी कटान कर रहा है। यहां पर रहने वाले कई लोगों के घर कटान की चपेट में आ गए हैं। मामले की जांच के लिए एसडीएम रामनगर को गांव भेजा गया है। जिससे पीड़ितों की यथा संभव मदद की जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed