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किसानों ने घेरा थाना
अमर उजाला ब्यूरो/ बाराबंकी
Updated Sat, 20 Jun 2015 11:31 PM IST
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कुछ ही देर में किसानों की तादाद सात-आठ सौ हो गई। भाकियू नेता की अगुवाई में किसानों ने सात घंटे थाना घेरकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि महिला की पिटाई से मौत के मामले में भी पुलिस एफआईआर नहीं लिखती है।
फरियाद लेकर थाने पहुंचने वाले किसानों का शोषण किया जाता है। नाराज किसानों की तादाद देख पुलिसकर्मियों को पसीना आने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम हैदरगढ़ मौके पर पहुंचे और वार्ता कर किसानों की समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया।
इसके बाद शाम पांच बजे किसान वहां से हटे और पुलिस ने राहत की सांस ली। कोठी थाने का घेराव किसानों ने सुबह साढ़े दस बजे शुरू किया। यह सूचना मिलने पर थाने पहुंचे भाकियू नेता मुकेश सिंह ने कहा कि पुलिस तानाशाही पर उतर आई है।
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किसानों का सबसे ज्यादा शोषण थानों पर किया जा रहा है। दौलतपुर गांव के पप्पू की पत्नी संगीता की सास-ससुर की पिटाई से मौत हो गई। पीड़ित एफआईआर लिखाने के लिए थाने गया तो उससे पैसे लेने के बाद भी एफआईआर नहीं लिखी।
किसान अपने व्यक्तिगत प्रयोग के लिए ट्रालियों से मिट्टी ले जाता है तो पुलिस अवैध खनन बताकर उसे पकड़ लेती है। दूसरी तरफ तस्करों को पैसा लेकर छोड़ दिया जा रहा है। पुलिस की धन उगाही चरम पर पहुंच गई है।
भाकियू नेता ने कहा कोठी कस्बा निवासी मो. अनस ने सीलिंग की करीब पचास बीघा जमीन पर कब्जा कर रखा है। बगल रखे मो. हसैन के छप्पर को गिराकर मो. अनस ने अवैध कब्जा कर लिया।
विरोध करने पर उसकी पिटाई भी कर दी। पीड़ित शिकायत करने थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसे भगा दिया। कहा कि पुलिस ये न समझे कि किसान सिर्फ अन्न पैदा करना जानता है, वक्त आने पर वह लाठी उठाने से भी पीछे नहीं हटता है।
पुलिस को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाना होगा और किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता पर निराकरण करना होगा।
थाना घेरे किसानों की संख्या दोपहर 12 बजे तक सात-आठ सौ के करीब हो गई तो पुलिस ने अधिकारियों को सचूना दी।
एसडीएम हैदरगढ़ जयप्रकाश और सीओ तौकीर अहमद तुरंत कोठी थाने पहुंचे। उन्होंने किसानों की समस्याओं को सुना और शीघ्र ही निराकरण का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम पांच बजे किसान थाने से हटे।
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फरियाद लेकर थाने पहुंचने वाले किसानों का शोषण किया जाता है। नाराज किसानों की तादाद देख पुलिसकर्मियों को पसीना आने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम हैदरगढ़ मौके पर पहुंचे और वार्ता कर किसानों की समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया।
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इसके बाद शाम पांच बजे किसान वहां से हटे और पुलिस ने राहत की सांस ली। कोठी थाने का घेराव किसानों ने सुबह साढ़े दस बजे शुरू किया। यह सूचना मिलने पर थाने पहुंचे भाकियू नेता मुकेश सिंह ने कहा कि पुलिस तानाशाही पर उतर आई है।
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किसानों का सबसे ज्यादा शोषण थानों पर किया जा रहा है। दौलतपुर गांव के पप्पू की पत्नी संगीता की सास-ससुर की पिटाई से मौत हो गई। पीड़ित एफआईआर लिखाने के लिए थाने गया तो उससे पैसे लेने के बाद भी एफआईआर नहीं लिखी।
किसान अपने व्यक्तिगत प्रयोग के लिए ट्रालियों से मिट्टी ले जाता है तो पुलिस अवैध खनन बताकर उसे पकड़ लेती है। दूसरी तरफ तस्करों को पैसा लेकर छोड़ दिया जा रहा है। पुलिस की धन उगाही चरम पर पहुंच गई है।
भाकियू नेता ने कहा कोठी कस्बा निवासी मो. अनस ने सीलिंग की करीब पचास बीघा जमीन पर कब्जा कर रखा है। बगल रखे मो. हसैन के छप्पर को गिराकर मो. अनस ने अवैध कब्जा कर लिया।
विरोध करने पर उसकी पिटाई भी कर दी। पीड़ित शिकायत करने थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसे भगा दिया। कहा कि पुलिस ये न समझे कि किसान सिर्फ अन्न पैदा करना जानता है, वक्त आने पर वह लाठी उठाने से भी पीछे नहीं हटता है।
पुलिस को अपनी कार्यशैली में बदलाव लाना होगा और किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता पर निराकरण करना होगा।
थाना घेरे किसानों की संख्या दोपहर 12 बजे तक सात-आठ सौ के करीब हो गई तो पुलिस ने अधिकारियों को सचूना दी।
एसडीएम हैदरगढ़ जयप्रकाश और सीओ तौकीर अहमद तुरंत कोठी थाने पहुंचे। उन्होंने किसानों की समस्याओं को सुना और शीघ्र ही निराकरण का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम पांच बजे किसान थाने से हटे।