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Barabanki News: सूत मिल में आईटी पार्क के साथ लगेंगे फूड व सामान्य उद्योग
Sun, 13 Aug 2023 12:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 13 Aug 2023 12:58 AM IST
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बाराबंकी। आठ साल से बंद पड़ी सूत मिल की 78 एकड़ जमीन पर आईटी पार्क के साथ खाद्य प्रसंस्करण और सामान्य उद्योग भी लगेंगे। पूर्व में आईटी पार्क के लिए आवंटित सूत मिल की जमीन पर उद्यमियों की मांग पर संशोधन कर दिया गया है। यूपीएसआईडीसी की ओर से जमीन को अधिग्रहीत करने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही उद्यमों की स्थापना के लिए जमीनों के साइज और अन्य सुुविधाएं मुहैया कराने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
वर्ष 1977 में शहर के पास स्थित सोमैयानगर में राज्य कताई मिल की स्थापना हुई थी। करीब 3500 लोगों को मिल में विभिन्न प्रकार की नौकरी व रोजगार मिला था। वर्ष 2010 तक सूत मिल खूब चली। इसके बाद मिल में घाटा होने लगा। कमाई के सापेक्ष खर्च अधिक होने लगा तो जुलाई 2015 में मिल बंद कर दी गई थी। 300 से अधिक कर्मचारियों को वीआरएस दे दिया गया था। फरवरी में यूपी सरकार ने बजट प्रस्तुत किया तो उसमें सूत मिल की देनदारियां चुकाने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था।
इसके बाद शासन ने सूत मिल की जमीन पर आईटी पार्क बनाने की घोषणा कर दी थी। हालांकि यूपी इंवेस्टर्स समिट के दौरान आईटी उद्योगों के लिए सिर्फ 600 करोड़ रुपये के दो निवेश प्रस्ताव हुए थे, इनमें से सिर्फ एक ही निवेश ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में शामिल होगा। इसे देखते हुए सूत मिल की जमीन पर अन्य उद्योगों के लिए जमीन की मांग तेज हो गई थी। यूपीएसआईडीसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर माहेश्वरी व विशेष सचिव सीएम शशांक त्रिपाठी के बाराबंकी दौरे के दौरान आईआईए के डिवीजनल चेयरमैन प्रमित कुमार सिंह व अन्य पदाधिकारियों ने इस मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने इस प्रस्ताव को मंजूर करते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे, जिसे शासन ने हरी झंडी दे दी है।
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मिल का स्ट्रक्चर हटाने को लिखा पत्र
सूत मिल में लगी मशीनरी व अन्य स्ट्रक्चर को हटाने के लिए कताई संघ को पत्र लिखा गया है। मिल का सर्वे किया जा चुका है। जल्द ही सूत मिल का भ्रमण कर खराब मशीनरी को नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
सूत मिल में आईटी पार्क के साथ फूड प्रोसेसिंग और सामान्य उद्योग लगाने की मंजूरी मिल गई है। जमीन हैंडओवर करने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही अन्य तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जमीन हैंडओवर होते ही अन्य तैयारियों को धरातल पर उतारा जाएगा।
- अजयदीप, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीएसआईडीसी
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वर्ष 1977 में शहर के पास स्थित सोमैयानगर में राज्य कताई मिल की स्थापना हुई थी। करीब 3500 लोगों को मिल में विभिन्न प्रकार की नौकरी व रोजगार मिला था। वर्ष 2010 तक सूत मिल खूब चली। इसके बाद मिल में घाटा होने लगा। कमाई के सापेक्ष खर्च अधिक होने लगा तो जुलाई 2015 में मिल बंद कर दी गई थी। 300 से अधिक कर्मचारियों को वीआरएस दे दिया गया था। फरवरी में यूपी सरकार ने बजट प्रस्तुत किया तो उसमें सूत मिल की देनदारियां चुकाने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था।
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इसके बाद शासन ने सूत मिल की जमीन पर आईटी पार्क बनाने की घोषणा कर दी थी। हालांकि यूपी इंवेस्टर्स समिट के दौरान आईटी उद्योगों के लिए सिर्फ 600 करोड़ रुपये के दो निवेश प्रस्ताव हुए थे, इनमें से सिर्फ एक ही निवेश ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में शामिल होगा। इसे देखते हुए सूत मिल की जमीन पर अन्य उद्योगों के लिए जमीन की मांग तेज हो गई थी। यूपीएसआईडीसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर माहेश्वरी व विशेष सचिव सीएम शशांक त्रिपाठी के बाराबंकी दौरे के दौरान आईआईए के डिवीजनल चेयरमैन प्रमित कुमार सिंह व अन्य पदाधिकारियों ने इस मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने इस प्रस्ताव को मंजूर करते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे, जिसे शासन ने हरी झंडी दे दी है।
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मिल का स्ट्रक्चर हटाने को लिखा पत्र
सूत मिल में लगी मशीनरी व अन्य स्ट्रक्चर को हटाने के लिए कताई संघ को पत्र लिखा गया है। मिल का सर्वे किया जा चुका है। जल्द ही सूत मिल का भ्रमण कर खराब मशीनरी को नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
सूत मिल में आईटी पार्क के साथ फूड प्रोसेसिंग और सामान्य उद्योग लगाने की मंजूरी मिल गई है। जमीन हैंडओवर करने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही अन्य तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जमीन हैंडओवर होते ही अन्य तैयारियों को धरातल पर उतारा जाएगा।
- अजयदीप, क्षेत्रीय प्रबंधक यूपीएसआईडीसी