{"_id":"58f4ffd34f1c1b3874471918","slug":"five-thousand-handpumps-is-not-giving-water","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच हजार हैंडपंप ख्ाराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच हजार हैंडपंप ख्ाराब
amar ujala
Updated Mon, 17 Apr 2017 11:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चढ़ते पारे से लोग बेहाल हैं। गांवों में लगे हैंडपंपों की दुर्दशा के कारण ग्रामीणों को पानी के लिए जंग लड़नी पड़ रही है। करीब पांच हजार हैंडपंप खराब पड़े हैं। पेयजल के लिए ग्रामीण भटकने को मजबूर हैं। हालांकि, गर्मी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने खराब हैंडपंपों को सही कराने का निर्देश जारी कर दिया है।
निर्धारित समय में हैंडपंपों के सही न होने पर पंचायती राज के ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के भी निर्देश जिला प्रशासन को दिए गए हैं। निर्देश मिलने के बाद खराब हैंडपंपों को सही कराने की कवायद फिलहाल तेज हो गई है।
नवाबगंज तहसील के ग्राम हांसेमऊ में खराब पड़े हैंडपंप के बारे में यहां के निवासी दीपक कुमार बताते हैं कि कई बार ब्लॉक से लेकर जिलास्तर तक के अधिकारियों से शिकायत की गई। लेकिन इसे सही नहीं कराया गया। जिससे गांवों वालों को पानी के लिए दिक्कतें हो रही है।
विज्ञापन
पशुओं के लिए भी पानी दूर से लेकर आना पड़ता है। इसी तहसील के ग्राम खजूरी निवासी राधेश्याम का कहना है कि उनके गांव में भी कई हैंडपंप दम तोड़ चुके हैं। जिससे पानी के लिए ट्यूबवेल व अन्य संसाधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसे सही कराया जाना बहुत जरूरी है।
जिले में इंड़िया मार्का टू हैंडपंपों का हाल
ब्लॉक कुल हैंडपंप चालू हैंडपंप सामान्य खराब रिबोर
रामनगर 3354 2873 37 444
सूरतगंज 3020 2715 13 292
फतेहपुर 3540 3451 13 76
निंदूरा 3261 2854 29 378
देवा 3140 2938 24 178
बंकी 2674 2416 109 149
मसौली 3360 2966 153 241
हरख 4212 3937 00 275
दरियाबाद 3271 2857 116 298
पूरेडलई 2590 2223 130 237
बनीकोडर 7195 7038 34 123
हैदरगढ़ 4538 4438 06 94
त्रिवेदीगंज 3600 3393 00 207
सिद्घौर 6115 5518 295 302
सि. गौसपुर 3309 2524 399 386
कुल योग 57179 52141 1358 3680
ग्राम पंचायत व प्रशासन पर है हैंडपंप दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी
जिले में विभिन्न कारणों से हैंडपंप पानी नहीं दे रहे हैं। छोटी खराबी की बात करें तो जिनमें नट बोल्ट गिर जाना, चेन टूट जाना, पानी उतर जाना आदि समस्याएं आती है। जिन्हें सही कराने का जिम्मा ग्राम पंचायतों के पास होता है।
वहीं, कुछ हैंडपंप ऐसे भी हैं, जो रिबोर की श्रेणी में आते हैं। ऐसे हैंडपंपों को सही कराने के लिए करीब 35 से 40 हजार का खर्चा आता है, जिसका जिम्मा जिला प्रशासन के पास होता है। अमूमन ग्रामीण अंचलों में एक हैंडपंप पर कम से कम 50 से 80 लोग पेयजल के लिए आश्रित होते हैं।
रिबोर के लिए जिला प्रशासन ऐसे हैंडपंपों की सूची तैयार कर शासन से मिलने वाले बजट के जरिए इन्हें रिबोर कराता है। एक हैंडपंप के रिबोर का खर्च नए हैंडपंप के लगवाने के बराबर आता है।
जल्द सही होंगे हैंडपंप
खराब हैंडपंपों को सही कराने के निर्देश दिए गए हैं। तीन दिनों में ऐसे हैंडपंपों को सही कराने की कवायद शुरू करा दी गई है। सात दिन बाद भी हैंडपंप खराब मिलने पर संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
-हिमांशु शेखर ठाकुर, डीपीआरओ
विज्ञापन
निर्धारित समय में हैंडपंपों के सही न होने पर पंचायती राज के ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के भी निर्देश जिला प्रशासन को दिए गए हैं। निर्देश मिलने के बाद खराब हैंडपंपों को सही कराने की कवायद फिलहाल तेज हो गई है।
विज्ञापन
नवाबगंज तहसील के ग्राम हांसेमऊ में खराब पड़े हैंडपंप के बारे में यहां के निवासी दीपक कुमार बताते हैं कि कई बार ब्लॉक से लेकर जिलास्तर तक के अधिकारियों से शिकायत की गई। लेकिन इसे सही नहीं कराया गया। जिससे गांवों वालों को पानी के लिए दिक्कतें हो रही है।
विज्ञापन
पशुओं के लिए भी पानी दूर से लेकर आना पड़ता है। इसी तहसील के ग्राम खजूरी निवासी राधेश्याम का कहना है कि उनके गांव में भी कई हैंडपंप दम तोड़ चुके हैं। जिससे पानी के लिए ट्यूबवेल व अन्य संसाधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसे सही कराया जाना बहुत जरूरी है।
जिले में इंड़िया मार्का टू हैंडपंपों का हाल
ब्लॉक कुल हैंडपंप चालू हैंडपंप सामान्य खराब रिबोर
रामनगर 3354 2873 37 444
सूरतगंज 3020 2715 13 292
फतेहपुर 3540 3451 13 76
निंदूरा 3261 2854 29 378
देवा 3140 2938 24 178
बंकी 2674 2416 109 149
मसौली 3360 2966 153 241
हरख 4212 3937 00 275
दरियाबाद 3271 2857 116 298
पूरेडलई 2590 2223 130 237
बनीकोडर 7195 7038 34 123
हैदरगढ़ 4538 4438 06 94
त्रिवेदीगंज 3600 3393 00 207
सिद्घौर 6115 5518 295 302
सि. गौसपुर 3309 2524 399 386
कुल योग 57179 52141 1358 3680
ग्राम पंचायत व प्रशासन पर है हैंडपंप दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी
जिले में विभिन्न कारणों से हैंडपंप पानी नहीं दे रहे हैं। छोटी खराबी की बात करें तो जिनमें नट बोल्ट गिर जाना, चेन टूट जाना, पानी उतर जाना आदि समस्याएं आती है। जिन्हें सही कराने का जिम्मा ग्राम पंचायतों के पास होता है।
वहीं, कुछ हैंडपंप ऐसे भी हैं, जो रिबोर की श्रेणी में आते हैं। ऐसे हैंडपंपों को सही कराने के लिए करीब 35 से 40 हजार का खर्चा आता है, जिसका जिम्मा जिला प्रशासन के पास होता है। अमूमन ग्रामीण अंचलों में एक हैंडपंप पर कम से कम 50 से 80 लोग पेयजल के लिए आश्रित होते हैं।
रिबोर के लिए जिला प्रशासन ऐसे हैंडपंपों की सूची तैयार कर शासन से मिलने वाले बजट के जरिए इन्हें रिबोर कराता है। एक हैंडपंप के रिबोर का खर्च नए हैंडपंप के लगवाने के बराबर आता है।
जल्द सही होंगे हैंडपंप
खराब हैंडपंपों को सही कराने के निर्देश दिए गए हैं। तीन दिनों में ऐसे हैंडपंपों को सही कराने की कवायद शुरू करा दी गई है। सात दिन बाद भी हैंडपंप खराब मिलने पर संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
-हिमांशु शेखर ठाकुर, डीपीआरओ